औरंगजेब

दिल्ली में एक बार फिर से औरंगजेब के नाम पर कालिख पोती गई। इस बार यह काम दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने किया है। कमेटी ने दिल्ली की औरंगजेब लेन के बोर्ड पर काली स्याही पोत दी है।

जे.गॉर्डोन मेल्टन के पारंपरिक दस्तावेजों के अनुसार सोमनाथ में बने पहले शिव मंदिर को बहुत ही पुराने समय में बनाया गया था। और दूसरे मंदिर को वल्लभी के राजा ने 649 CE में बनाया था।

तीनों आतंकवादियों का संबंध प्रतिबंधित संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन से है और वे सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले और असैन्य लोगों पर अत्याचार समेत आतंकवाद से जुड़े कई मामलों में संलिप्तता को लेकर वांछित थे।

वाराणसी में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे कांग्रेस नेता अजय राय के समर्थन में नुक्कड़ सभा करने पहुंचे संजय निरुपम ने कहा, ''वाराणसी के लोगों ने जिस व्यक्ति को चुना वे औरंगजेब के आधुनिक अवतार हैं। क्योंकि यहां पर कॉरिडोर के नाम पर सैकड़ों मंदिरों को तुड़वाया गया और विश्वानाथ मंदिर में दर्शन के नाम पर 550 रूपए का फीस लगाया गया।''

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में पिछले साल 14 जून 2018 को आतंकवादियों ने सेना के जवान औरंगजेब की अगवा कर हत्या कर दी थी। बता दें कि औरंगजेब की हत्या उस वक्त की गई थी, जब वो ईद मनाने अपने घर जा रहे थे।