कमलनाथ

विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए शिवराज सरकार को 104 के आंकड़े की जरूरत थी। लेकिन बीजेपी ने 112 विधायकों का समर्थन साबित कर दिया। इससे पहले 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद अल्पमत में आने की वजह से कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था।

कमलनाथ सरकार के अल्पमत में होने के चलते इस्तीफा दिए जाने के बाद भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान को अपने दल का नेता चुना और चौहान ने सोमवार की रात को मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। आज से शुरू हो रहे विधानसभा के सत्र के पहले दिन चौहान को अपनी सरकार के लिए विश्वास मत हासिल करना होगा।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के ठीक बाद ट्वीट कर शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि जिन 22 पूर्व विधायकों ने अपनी पार्टी की सदस्यता त्याग कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है, मैं उन साथियों के प्रति आभार प्रकट करता हूँ और उन्हें धन्यवाद देता हूं।

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में 20 मार्च को शाम 5 :30 बजे फ्लोर टेस्ट कराये जाने का आदेश दिया है। जहां विधासभा में कमलनाथ सरकार को बहुत साबित करना है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा है कि कल शाम 5 :30 बजे तक हर हाल में फ्लोर टेस्ट किया जायेगा और इसकी प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी किये जाने का आदेश भी दिया गया है।

एक तरफ जहां कमलनाथ को अपनी कुर्सी बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है तो वहीं दूसरी तरफ MP के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हाथ में बल्ला लेकर चौके-छक्के जड़ते नजर आए।

कमलनाथ सरकार ने कई आईएएस व आईपीएस का ट्रांसफर भी कर दिया है। एस.आर. मोहंती सहित कई अधिकारी इधर से उधर किए गए। इससे पहले कमलनाथ सरकार राज्य के डीजीपी विवेक जौहरी का कार्यकाल भी बढ़ा चुकी है।

कमलनाथ ने ये भी कहा कि बीजेपी ने आज अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने 16 बंधक विधायकों को सामने लाने की मांग भी की। कमलनाथ का कहना है कि अगर किसी लगता है कि हमारे पास बहुमत नही है तो वो अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए। 

लोकसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए राहुल गांधी संसद भवन पहुंचे थे। लेकिन जब मीडिया के लोगों ने उनसे ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा तो वह इससे बचकर निकल गए।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी जॉइन करने पर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आज मुझे राजमाता जी की याद आ रही है।

पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के ग्वालियर चंबल संभाग में शानदार प्रदर्शन की वजह ज्योतिरदित्य सिंधिया थे। इसी वजह से भाजपा विधानसभा चुनाव में बहुमत से दूर रह गई।