कमलनाथ सरकार

कमलनाथ सरकार ने कई आईएएस व आईपीएस का ट्रांसफर भी कर दिया है। एस.आर. मोहंती सहित कई अधिकारी इधर से उधर किए गए। इससे पहले कमलनाथ सरकार राज्य के डीजीपी विवेक जौहरी का कार्यकाल भी बढ़ा चुकी है।

कांग्रेस की बागी विधायक इमरती देवी ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया हमारे नेता हैं। उन्होंने हमें बहुत कुछ सिखाया है। मैं हमेशा उसके साथ रहूंगी भले ही मुझे कुएं में क्यों न कूदना पड़े। 

कमलनाथ ने ये भी कहा कि बीजेपी ने आज अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने 16 बंधक विधायकों को सामने लाने की मांग भी की। कमलनाथ का कहना है कि अगर किसी लगता है कि हमारे पास बहुमत नही है तो वो अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए। 

भाजपा ने विधानसभा की कार्यवाही 26 मार्च तक के लिए स्थगित किए जाने का विरोध किया है। इसी को लेकर भाजपा विधायक बस में सवार होकर राजभवन पहुंचे। भाजपा के नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कमलनाथ सरकार को अल्पमत की सरकार दरार दिया है।

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार के विश्वास मत का सवाल अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

बीजेपी ने पार्टी विधायकों को व्हिप जारी कर पार्टी के पक्ष में वोट डालने को कहा है। लगातार बदल रहे घटनाक्रम को देखते हुए जयपुर से भोपाल लाए गए सभी कांग्रेस विधायकों को एक साथ रखा जायेगा।

कमलनाथ ने अमित शाह लिखे पत्र में यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि कांग्रेस के 22 विधायक जो बेंगलुरू में हैं वे वापस मध्य प्रदेश सुरक्षित पहुंच सकें और 16 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में बिना डर के भाग ले सकें।

कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक 22 विधायक बेंगलुरु में हैं। इनमें 6 मंत्री भी थे। इन सभी 22 विधायकों ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

इन बागी विधायकों में से 6 विधायक को 13 मार्च को स्पीकर एनपी प्रजापति से मुलाकात करनी थी। विधायकों के न आने पर प्रजापति ने कहा कि उन्होंने 3 घंटे तक विधायकों का इंतजार किया, लेकिन कोई नहीं आया।

ज्ञात हो कि राज्य के 22 कांग्रेस विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें से 19 विधायक बेंगलुरू में हैं। इनमें छह मंत्री भी शामिल हैं। कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले सभी विधायक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं।