कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी

प्रियंका गांधी की ओर से भेजी गई एक हजार बसों की लिस्ट का योगी सरकार ने परीक्षण करा लिया है। इस परीक्षण में इन बसों की लिस्ट में कई भारी खामियां सामने आई हैं। अपर पुलिस आयुक्त यातायात की ओर से इन सभी का वेरीफिकेशन किया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने दावा किया है कि कांग्रेस ने राज्य सरकार को जो बसों की लिस्ट दी है, उसमें कई नंबर तिपहिया वाहन, मोटरसाइकिल और कार के हैं। साथ ही सीएम योगी के सलाहकार ने इसकी लिस्ट भी जारी की है।

उत्तर प्रदेश में प्रवासी श्रमिकों को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की ओर से मजदूरों के लिए बसों की व्यवस्था पर उठाए जा रहे सवालों पर खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा संभालते हुए पलटवार किया है।

अपने घरों को लौट रहे प्रवासी श्रमिकों के साथ हो रहीं सड़क दुर्घटनाओं के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इन प्रवासी श्रमिकों के लिए 1000 बसें चलाने की अनुमति मांगी है।

उन्होंने पूछा कि प्रदेश के किस लैब में रोज कितने टेस्ट हो रहे हैं। केजीएमयू समेत प्रदेश के अन्य टेस्टिंग लैब की प्रतिदिन क्षमता क्या है? यह आंकड़ा जनता के समक्ष रखना बहुत ही महत्वपूर्ण है।

प्रियंका गांधी ने वीडियो सन्देश में कहा, "मैं आग्रह करना चाहती हूं कि एक हेल्पलाइन हो, हजार लोगों का कंट्रोलरूम हो। कम से कम ये लोग अपनी समस्याओं को बता पायें। ताकि दूसरी सरकारों से इनकी मदद हो पाए।"

पत्र में महासचिव ने लिखा है कि "कोरोना महामारी ने आज ज्यादातर क्षेत्रों की कमर तोड़ दी है। प्रदेश का हर एक तबका इस आपदा और इसके आर्थिक व सामाजिक दुष्प्रभावों से परेशान है। कोरोना आपदा की वजह से कई ऐसे आर्थिक व सामाजिक स्तर के मुद्दे हैं जिन पर तुरंत ध्यान देने से आम जन को बहुत राहत मिलेगी।"

वहीं, बारिश से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश सरकार पर हमला किया है। साथ ही उन्होंने किसानों को बारिश से बर्बाद हुई फसलों के लिए उचित मुआवजा देने की मांग की है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बुधवार को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के बिलरियागंज में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस अत्याचार के पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ितों से कहा, "आप सभी के साथ गलत हुआ है और हमें इस अन्याय के खिलाफ खड़ा होना है। यह सरकार पूरी तरह से गरीब लोगों के खिलाफ है।"

वाराणसी में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात से रोके जाने पर महिला नेता श्‍वेता राय ने जमकर हंगमा किया। उन्होंने कांग्रेस छोड़ देने तक का ऐलान कर दिया।