कांग्रेस

टिकट बंटवारे के कारण अंतरकलह को रोकने के लिए कांग्रेस ने अपने सभी प्रदेशाध्यक्षों को लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया को इस महीने में पूरा करने का निर्देश दिया है, जिसके बाद कांग्रेस की चुनाव समिति द्वारा उसे मंजूरी दी जाएगी।

कैप्टन ने कहा, "ऐसा असंवैधानिक व्यवहार एक राष्ट्रीय स्तर की पार्टी के लिए न सिर्फ अशोभनीय है बल्कि इससे उनकी जन-विरोधी मानसिकता भी झलकती है। उन्हें ना तो सदन की परंपरा का खयाल है और ना ही जनता की भलाई की चिंता।"

इसके अलावा पार्टी में अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रियंका गांधी ने नेताओं को भी चेतावनी दी कि अगर कोई भी पार्टी-विरोधी गतिविधि में शामिल पाया जाता है तो उसे तुरंत बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।

कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपनी शादी की सालगिरह के दिन सोमवार को भी लगातार कई बैठकें कीं। प्रियंका गांधी कांग्रेस के वॉर रूम 15 गुरुद्वारा रकाबगंज रोड पहुंचीं। वहां करीब 5 घंटे तक यूपी के बुंदेलखंड इलाके से बुलाए गए कार्यकर्ताओं से अलग-अलग मुलाकात की। हमीरपुर, झांसी और जालौन की तीन लोकसभा सीटों के कार्यकर्ता लखनऊ में प्रियंका से नहीं मिल पाए थे।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से निलंबित सांसद कीर्ति झा आजाद ने आज राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस का दामन थाम लिया। इसको लेकर पहले से कयास लगाए जा रहे थे। आज राहुल गांधी ने उनका पार्टी में स्वागत किया।

भूपेश बघेल ने कहा "पिछली सरकार के समय अधिकारियों के साथ मिलकर डराया धमकाया गया, भय का वातावरण छत्तीसगढ़ के लिए ठीक नहीं है। भाजपा को इस पहल का समर्थन करना चाहिए। ननकीराम कंवर ने खुलकर समर्थन किया है, उनको धन्यवाद देता हूं।"

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मौजूद प्रियंका ने कहा, "लेकिन, हमें कश्मीर में बड़ी संख्या में हताहतों के बारे में भी चिंतित होना चाहिए। हम मांग करते हैं कि इस सरकार को ऐसे ठोस कदम उठाने चाहिए कि इस तरह की आतंकी घटना दोबारा भविष्य में न हो।"

राहुल गांधी ने कहा, "इस तरह उनके (मोदी) कहने का मतलब है कि (महात्मा) गांधी ने कुछ नहीं किया, सरदार पटेल, जवाहरलाल नेहरू व अंबेडकर ने कुछ नहीं किया। राज्यों के मुख्यमंत्रियों, किसानों, मजदूरों व लोगों ने कुछ नहीं किया।"

 मोदी ने कहा कि "पहले जो भी घर बनते थे उनमें गुणवत्ता नहीं होती थी। घर बनाने का उद्देश्य रहने वालों की सुविधा के बजाए नामदारों के प्रचार-प्रसार पर ज्यादा रहता था।"

भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "आप इसे उनके चेहरे पर देख सकते हैं, आप उनके हाव-भाव देख सकते हैं। शेखी बघारना बंद हो गया है।