कानपुर कांड

हाल की कुछ घटनाओं से योगी सरकार बेहद तेजी से एक्शन के मूड में है। कानपुर के बिकरू कांड के बाद लैब टेक्नीशियन की अपरहण व हत्या तथा गाजियाबाद में पत्रकार की हत्या के मामलों से सीएम योगी आदित्यनाथ बेहद नाराज हैं। कानपुर जैसी कार्रवाई  यूपी में और भी जगहों पर हो सकती है।

रिचा ने कहा, "मुझे नहीं पता कि उस रात बिकरू में क्या कुछ हुआ। मेरे पति मर चुके हैं, लेकिन मेरी उम्मीद जिंदा है।" रिचा ने कहा कि विकास दुबे उनके भाई राजू निगम के एक अच्छे मित्र थे। उन्होंने कहा, "मेरी उनसे मुलाकात 1990 में हुई और मेरे भाई ने ही हमारी शादी कराई।"

कोर्ट ने कहा कि हैदराबाद में मारे गए दुष्कर्म के आरोपी और यहां मारे गए अपराधियों में फर्क है। उनके पास हथियार नहीं थे। लेकिन आपके ऊपर (यूपी) राज्य सरकार के तौर पर कानून का शासन बनाए रखने की जिम्मेदारी है।

कानपुर कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे एनकाउंटर केस में उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर दिया है। यूपी सरकार ने एनकाउंटर को सही बताया और कहा कि इसे किसी भी तरह फर्जी एनकाउंटर नहीं कहा जा सकता।

कानपुर कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के एनकाउंटर में मार गिराए जाने के बाद अब उत्‍तर प्रदेश के अपराधी बेहद खौफ में दिख रहे हैं। उनके खौफ का आलम यह है कि अपराधी अब पुलिस की गाड़ी में भी बैठने से डर रहे हैं।

बता दें कि कानपुर कांड का मुख्य आरोपी विकास दुबे उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के साथ एनकाउंटर में 10 जुलाई की सुबह मार दिया गया था।

कानपुर कांड का मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के साथ एनकाउंटर में 10 जुलाई की सुबह मार दिया गया था। एनकाउंटर के बाद अब गैंगस्टर विकास दुबे की संपत्ति की जांच होगी।

दयाशंकर के बारे में जानकारी मिली है कि वह हमले के वक्त विकास दुबे के साथ था। उसने पुलिस को बताया कि विकास ने जिस बंदूक से फायरिंग की, वह मेरे नाम है।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की शहादत के लिए जिम्मेदार कुख्यात अपराधी विकास दुबे के खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करते हुए उसके घर को जमींदोज कर दिया है।