कानपुर

फरीदाबाद में विकास दुबे पुलिस के हाथ आते-आते बच गया। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि कैसे पुलिस के आने से पहले वह एक ऑटो में सवार होकर भाग गया।

अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया, "विकास दुबे पुत्र राम कुमार दुबे निवासी विकरू थाना, चौबेपुर जनपद कानपुर नगर को गिरफ्तार तथा दण्डित कराने की सूचना देने पर अब पांच लाख रूपये की धनराशि दी जाएगी।"

इससे पहले कानपुर के पूर्व एसएसपी अनंत देव तिवारी को चौबेपुर के थाना प्रभारी का बचाव करने को लेकर संदिग्ध रवैये के कारण पीएसी मुरादाबाद में स्थानांतरित कर दिया गया था।

कानपुर के चौबेपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिस कर्मियों के शहादत के बाद मंगलवार को 10 कांस्टेबलों को चौबेपुर पुलिस स्टेशन में तैनाती दी गई है। सभी सिपाही पुलिस लाइन से चौबेपुर थाने भेजे गए हैं।

कानपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया कि ड्यूटी में लापरवाही करने पर चौबेपुर के उपनिरीक्षक कुंवर पाल, उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार (केके) शर्मा और आरक्षी राजीव को निलंबित कर दिया गया है। जैसे-जैसे मामले में जानकारी मिल रही लगातार दबिश दी जा रही है। सभी थानों की टीमें अलर्ट हैं।

एसटीएफ ने विनय तिवारी को हिरासत में लिया है। जांच में दोषी मिलने पर तिवारी को निलंबित किया गया है। इस मामले में संदिग्ध भूमिका मिलने पर विनय तिवारी के खिलाफ भी केस दर्ज होगा।

शहीद हुए आठ पुलिसकर्मियों के पार्थिव शरीरों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पुलिस लाइन पहुंचकर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में बदमाश विकास दुबे के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को अपनी श्रद्धांजलि दी है। साथ ही इस मामले में डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी से तत्काल मौके की रिपोर्ट तलब की है।

कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे वही अपराधी है, जिसने साल 2001 में राजनाथ सिंह सरकार में मंत्री का दर्जा पाए संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या कर दी थी। विकास के खिलाफ 60 केस दर्ज हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों के लिए संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने डीजीपी एचसी अवस्थी को अपराधियों के खिलाफ कड़ा ऐक्शन लेने के निर्देश दिए हैं, उन्होंने इस घटना की रिपोर्ट भी मांगी है।