कानपुर

कानपुर के राजकीय बालिका संरक्षण गृह में रहने वाली 9 और लड़कियां कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं। इसके साथ ही यहां कुल संक्रमितों का आंकड़ा 66 हो गया है। इससे पहले 57 लड़कियां कोरोना पॉजिटिव पायी गई थी।

कानपुर से एक चौकने वाला मामला सामने आया है। वहां के राजकीय बालिका संरक्षण गृह में रहने वाली 57 लड़कियां कोरोना पॉजिटिव पायी गई हैं। संक्रमित बालिकाओं को इलाज के लिए रामा मेडिकल कॉलेज के कोविड-19 वार्ड में रखा गया है।

कोरोनावायरस का प्रकोप इस वक्त पूरी दुनिया झेल रही है। इस महामारी के खिलाफ स्वास्थकर्मी दिन रात डटे हुए हैं। हर तरह से अपने मरीजों का उपचार करने का प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें डॉक्टर्स डांस करते नजर आ रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के पीछे तबलीगी जमात को बड़ी वजह बताया जा रहा है। कानपुर में छिपे जमातियों की खोज के लिए पुलिस ने एक और नया ऑपरेशन शुरू किया है।

कानपुर में 8 विदेशी जमातियों के अलावा शहर में कुल 158 जमाती आये थे। इन्ही में से कुछ के संक्रमित होने के बाद से कानपुर में संक्रमण का सिलसिला शुरू हुआ।

तबलीगी जमात में शामिल होने वालों पर पहले भी मेडिकल स्टाफ के साथ बदतमीजी करने के आरोप लगे हैं। इससे पहले गाजियाबाद के सरकारी अस्पताल में जमात के 6 लोगों पर कर्मचारियों और नर्सों के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है।

पीएफआई वही संगठन है जिस पर यूपी के कानपुर सहित कई अन्य कई जिलों में सीएए और एनआरसी के खिलाफ हिंसा भड़काने का आरोप है। बता दें कि पीएफआई पर कानपुर के बाबूपुरवा और यतीमखाना में हिंसा भड़काने का आरोप है।

आरोप है कि जिले के हुसैनगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में बीते 14 दिसंबर को एक युवती को कथित रूप से दुष्कर्म करने के बाद आग लगा दी गई थी। करीब 90 फीसदी तक झुलसी युवती को गंभीर हालत में कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दो दिन पहले हालत बिगड़ने की वजह वो कोमा में चली गई थी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की हत्या की धमकी देने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उसने तीन दिसंबर को अपने दो दोस्तों के मोबाइल पर धमकी भरे मैसेज भेजे थे। आरोपी की पहचान कानपुर के कृष्णा नगर निवासी हिमांशु मौर्या के रूप में हुई है।

इस बैठक में दो राज्यों उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, बिहार, उप्र के उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के अलावा गंगा किनारे स्थित सभी पांच राज्यों के कई मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और एनएमसीजी के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्र सहित 40 से अधिक प्रमुख लोग मौजूद रहेंगे।