कुंडली

शिक्षा के बाद करियर ही जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष होता है जहाँ अधिकांश लोग तकनीकी क्षेत्र (इंजीनियरिंग, मेडिकल, आर्किटेक आदि), मैनेजमेंट, मार्केटिंग, बिजनेस आदि में करियर बनाने के इच्छुक होते है

इसी तरह के सवालों के जवाब के लिए आपको ये समझ होनी आवश्यक है कि जिस स्थान में पाप ग्रह या कुपित ग्रह या नीच का ग्रह बैठा है उस घर से सम्बंधित सभी रिश्तों से आपको निराशा ही मिलेगी |

जब मंगलवार को अमावस्या हो तब खगर्ता संगम पर देवता पूजित हैं..उस दिन यहाँ दर्शन और पूजा-स्नान से वाराणसी,प्रयाग, गयाजी और करुक्षेत्र में एवं पुष्कर में स्नान-पूजन का जो पुण्य मिलता हैं उससे भी अधिक पुण्य फल यहाँ पूजन और दर्शन से प्राप्त होगा..

चाहे आपको ज्योतिष का ज्ञान हो या न हो, अपने भाग्य की स्थिति का ज्ञान तो हर व्यक्ति को होता है। अब यदि दुर्भाग्य पीछा न छोड़ रहा हो तो क्या ऐसा करें कि दुर्भाग्य सौभाग्य में बदल जाए।

यदि आपके माता पिता आपके लिए वर / वधु की तलाश कर रहे हैं और आपका मन कहीं और अटका है तो यह सवाल आपके मन में अवश्य आएगा | किन्ही दो जातकों की जन्म कुंडली देखकर यह अनुमान लगाया जा सकता है कि यह दोनों पति पत्नी बनेंगे या नहीं |

लेकिन हर एक राजयोग एक जैसा फल नहीं देता। जरूरी नहीं राजयोग बना है तो उसके कारण बहुत अच्छी सफलता मिलेगी। हो सकता है राजयोग कमजोर या सामान्य स्थिति में हो तब ऐसे राजयोग के प्रभाव से सामान्य अच्छा जीवन बीतेगा बहुत बढ़िया स्थिति नहीं होगी।

नरेन्द्र मोदी जी की जन्म कुंडली मे इस समय शनि की साढ़ेसाती तीसरे चरण में है जो उतरती हुई है और कहते है कि शनि की साढ़ेसाती जाते हुए लाभ देकर जाती है । गोचर में चन्द्र  और मंगल पर वृश्चिक में गुरु का संचार , चन्द्र की महादशा अभी भी योगकारक है गुरु का गोचर सितंबर तक रहेगा।

हमारी हिन्दू(सनातन)धर्म में आश्रम व्यवस्था में गृहस्थ आश्रम को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। एक खुशहाल घर-संसार अधिकांश व्यक्तियों का सपना होता है। लेकिन कभी कभी किसी जन्म पत्रिका मे ऐसी ग्रह स्थितियों का निर्माण हो जाता है जिनसे मनुष्य अपने गृहस्थ जीवन से विरक्त व विमुख होकर अध्यात्म के पथ पर अग्रसर हो जाता है।

यदि व्यक्ति के पितृ असंतुष्ट होते हैं, वे अपने वंशजों की जन्म-कुंडली में पितृ दोष से संबंधित ग्रह-स्थितियों का सृजन करते हैं।   

दान- चन्द्रमा के नीच अथवा मंद होने पर शंख का दान करना उत्तम होता है। इसके अलावा सफेद वस्त्र, चांदी, चावल, भात एवं दूध का दान भी पीड़ित चन्द्रमा वाले व्यक्ति के लिए लाभदायक होता है। जल दान अर्थात प्यासे व्यक्ति को पानी पिलाना से भी चन्द्रमा की विपरीत दशा में सुधार होता है।