कुलदीप सिंह सेंगर

कोर्ट ने पिछले साल 20 दिसंबर को सेंगर को लड़की के दुष्कर्म के आरोप में जेल भेज दिया था। दुष्कर्म की शिकायत हालांकि तब दर्ज की गई थी जब पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लखनऊ स्थित आधिकारिक आवास के बाहर आत्महत्या करने की कोशिश की थी।

उन्नाव से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई है। इस बारे में उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर दी है।

भदोही के पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने बताया कि विधायक समेत अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की विवेचना में जुटी हुई है।

फैसला सुनाते वक्त ये भी देखा गया कि दोषी कुलदीप सेंगर जज के सामने हाथ जोड़कर खड़े रहे। इसके साथ ही कोर्ट ने सीबीआई को पीड़िता और उसके परिवार को आवश्यक सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया है।

परिवारिक सूत्रों का कहना है कि दाह संस्कार दोपहर को होगा। मनोज सेंगर दिल्ली में रहकर कुलदीप सेंगर के मामलों को देख रहा था। रायबरेली में 28 जुलाई के दुर्घटना मामले में वह भी ओरोपी था।

यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में स्थापित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में न्यायाधीश ने बुधवार को उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता का बयान दर्ज किया।

मामले के आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर को सुनवाई के लिए तिहाड़ जेल से एम्स लाया गया। विशेष न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने यहां ट्रॉमा सेंटर में स्थापित कोर्ट में मामले की सुनवाई की। ट्रॉमा सेंटर में ही पीड़िता भर्ती है।

स्वतंत्रता दिवस पर उन्नाव नगर पंचायत के चेयरमैन अनुज कुमार दीक्षित की ओर से लोगों को बधाई देते हुए जारी एक विज्ञापन में कुलदीप सिंह सेंगर की फोटो थी। उनके साथ प्रधानमंत्री मोदी की भी फोटो प्रकाशित हुई थी।

बता दें कि अप्रैल 2018 में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। जिसके बाद विधायक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। फिलहाल उन पर सीबीआई कोर्ट में मुकदमा चल रहा है।

सीतापुर जेल के बाहर संवाददाताओं से सेंगर ने कहा कि उन्हें राजनीतिक साजिश में फंसाया जा रहा है। उन्हें रविवार को सीतापुर जेल से दिल्ली ले जाया गया।