केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह

2019 में डेढ़ महीने तक चले आम चुनाव में थकान भरी कवायद के बाद परिणाम आने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ पहुंचे थे और उन्होंने भगवान शिव का रूद्राभिषेक कर उनकी आराधना की थी।

2019 में आम चुनाव से ठीक पहले देश के लगभग हर मंच पर विपक्षी एकता साफ नजर आ रही थी। इन विपक्षी दलों का सिर्फ और सिर्फ एक मकसद था किसी तरह नरेंद्र मोदी सरकार को सत्ता में दोबारा लौटने से रोकना।

नरेंद्र मोदी सरकार 1.0 में सियासी ताज सजने तक पार्टी की कमान भले राजनाथ सिंह के हाथ हो लेकिन सरकार गठन के बाद से पार्टी की कमान अमित शाह के मजबूत हाथों में आ गई।

सरकार के गठन के बाद जिस तरह से ताबड़तोड़ फैसले लिए गए उसने एक साल के मोदी सरकार 2.0 के कार्यकाल में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ और ऊंचा कर दिया।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर नर्सों की भूमिका की सराहना की और कोविड-19 महामारी के खिलाफ आगे आकर लड़ने के लिए उन्हें गुमनाम नायक बताया।

उन्होंने कहा, ग्रामीण भारत हमारी संस्कृति व समृद्धता की नींव है और इसे शक्ति देने का काम पंचायती राज व्यवस्था ने किया है। भारत का विकास ग्रामीण भारत के विकास में निहित है। इसीलिए भारतीय संविधान ने ग्राम पंचायतों को अधिक से अधिक सशक्त कर उन्हें 'स्वशासन के संस्थानों' के रूप में स्थापित किया।

भाजपा दस प्रमुख मुद्दों पर दिल्ली का विधानसभा चुनाव लड़ती नजर आ रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा इन्हीं दस मुद्दों को सभाओं में प्रमुखता से उठा रहे हैं। इन मुद्दों में स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दे शामिल हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर विपक्ष पर हमला बोला है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तीन जनवरी को जोधपुर में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के समर्थन में आयोजित रैली में शामिल होकर इस कानून के प्रति जागरूकता फैलाएंगे।