केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय

मंत्रालय के अनुसार, "बीते 24 घंटे में रिकॉर्ड 56,110 लोग ठीक हुए हैं। केंद्र, राज्य और केंद्रशासित प्रदेश के समन्वित प्रयासों से रोजाना औसत रिकवरी बढ़ रही है। रिकवरी रेट एक नए रिकॉर्ड 70.38 प्रतिशत पर पहुंच चुके हैं।"

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोनावायरस से एक दिन में सबसे ज्यादा पिछले 24 घंटे में कुल 51,706 लोग ठीक हो गए।

देश में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए भारत सरकार ने 24 मार्च को वेंटिलेटर्स के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था, सरकार को डर था कि देश में ज्यादा कोरोना फैलने पर वेंटिलेटर्स की कमी हो सकती है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, कोरोना के 48,513 नए मामले आने के साथ देश में कुल मामले बढ़कर 15,31,669 हो गए हैं, जबकि पिछले 24 घंटों में 768 और लोगों की मौत होने से देश में मृतकों की संख्या बढ़कर 34,193 हो गई।

मंत्रालय ने ‘कोविड-19 वैश्विक महामारी और भारत में तंबाकू का इस्तेमाल’ विषय पर अपने दस्तावेज में कहा कि विशेषज्ञों ने पुष्टि की है कि धूम्रपान करने वालों में कोरोनावायरस के अधिक गंभीर लक्षण दिखने या उनके मरने की आशंका अधिक है क्योंकि यह सबसे पहले फेफड़ों पर हमला करता है।

मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 35,176 मरीजों को छुट्टी मिलने के साथ देश में कोरोना संक्रमण से ठीक हुए लोगों की संख्या 9,52,743 हो गयी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के करोड़ों नागरिक, कोरोना वैश्विक महामारी से बहुत बहादुरी से लड़ रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आज जिन हाई टेक टेस्टिंग फेसिलिटी का लॉन्च हुआ है, उससे पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में और ताकत मिलने वाली है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में पारंपरिक चिकित्सा में सहयोग पर चर्चा करने के लिए एससीओ के भीतर कोई संस्थागत तंत्र नहीं है जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की पारंपरिक चिकित्सा रणनीति 2014-2023 को पूरा करने की क्षमता रखता हो।

राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि असम, बिहार और उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित लोगों तक दिल्ली से संबंधित राज्यों की ट्रेनों के जरिए राज्य की रेडक्रॉस शाखाओं तक समाग्री पहुंचाई जाएगी और संबंधित राज्यों की रेडक्रॉस शाखा प्रभावित लोगों तक सामग्री पहुंचाएगी।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के निदेशक सुजीत कुमार सिंह ने कहा, "महामारी के लगभग छह महीने में 22.86 प्रतिशत लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 77 प्रतिशत आबादी पर अभी भी खतरा बना हुआ है।"