कोरोना

दिल्‍ली के निजामुद्दीन मरकज से तबलीगी जमात के कोरोना संक्रमण संदिग्‍धों को ले जाकर तुगलकाबाद में क्‍वारंटीन सेंटर (पृथक केंद्र) में रखा गया है।

भीड़ देख पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाने को कहा। आदेश मानने से इनकार करने पर जब पुलिस ने सख्ती दिखाई तो लोगों ने हमला कर दिया।

तेलंगाना सीएमओ की तरफ से अपील की गई है कि जो भी लोग दिल्ली में मरकज में गए उन्हें दिल्ली अथॉरिटीज को सूचित करना चाहिए। सरकार उनका फ्री में जांच और इलाज कराएगी। किसी को भी इस बारे में कोई सूचना है तो वे सरकार को जरूर बताएं।

कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते खतरों के बीच दक्षिण पूर्वी दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात के मरकज से दस से अधिक देशों के नागरिकों समेत 200 लोगों को यहां के अलग-अलग अस्पतालों में जांच के लिए ले जाया गया है।

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया, "जनपद के अन्य मजिस्ट्रेटों के द्वारा भी अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे दुकानदारों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। मुनाफाखोरी और कालाबाजारी करने वालों की अब खैर नहीं है।"

सुप्रीम कोर्ट की सलाह पर अमल करे हुए उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में कैदियों को छोड़ने की कवायद चल रही है। ऐसे में सुब्रह्मण्यम स्वामी ने भी आसाराम बापू को छोड़ने की मांग उठाई है।

कोरोना से हालत ऐसी है कि अमेरिका जैसी शक्तिशाली अर्थव्यवस्था को धक्का लगा है। इन सबके बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर है और वो ये है कि भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी बाकी अन्य प्रभावित देशों के मुकाबले कम है।

ऐसी हालत में प्रशासन ने अपनी तरफ से सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। प्रशासन ने नोएडा में 300 ऐसे मेडिकल स्टोर की लिस्ट तैयार की है, जो लॉकडाउन के दौरान घर तक दवाई पहुंचाएंगे।

ब्रिटेन के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के भारतीय मूल के दो शोधकर्ता कोरोना वायरस को लेकर एक नए गणितीय मॉडल के साथ आए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना की चुनौती से देशवासियों को आगाह करते हुए कहा कि इस वायरस ने दुनिया को कैद कर दिया है। उन्होंने कहा, ये ज्ञान, विज्ञान, गरीब, संपन्न कमजोर, ताकतवर हर किसी को चुनौती दे रहा है। ये ना तो राष्ट्र की सीमाओं में बंधा है, न ही ये कोई क्षेत्र देखता है और न ही कोई मौसम।