कोरोना

इसके अलावा इस महामारी से मरने वालों की बात करें तो, कोरोनावायरस से अबतक देश में 23 हजार 727 मौतें हुई हैं। वहीं पिछले 24 घंटे में कोरोना के 28 हजार 498 नए मामले सामने आए हैं और 553 मौतें हुई हैं।

दरअसल हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर ठोस क़दम नहीं उठाया गया तो कोरोना वायरस की महामारी बद से बदतर होती जाएगी।

कोरोना महामारी को लेकर उन्होंने कहा कि भले ही हमें इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत में कोई टीका मिल जाए, लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि दोबारा संक्रमण नहीं होगा।

देश में अब तक 1 करोड़ 18 लाख 6 हजार 256 कोविड टेस्ट किए जा चुके हैं। इनमें से 2 लाख 19 हजार 103 टेस्ट रविवार को किए गए हैं।

27 जुलाई को उनका टेस्ट पॉजिटिव आया था। इसके बाद मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए 24 घंटे की निगरानी में आईसीयू में रखा गया। यहां हालत में सुधार होने पर दोबारा कोरोना जांच की गई।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक, शनिवार को 205 मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी मिली। इस आंकड़े के साथ संक्रमण मुक्त होने वालों की संख्या 28,685 हो गई है।

ग्रेटर नोएडा के जिम्स में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए प्राइवेट रूम की सुविधा शुरू की गई है। 50 बेड वाले इस वार्ड में भर्ती होने वाले मरीज को रोजाना 3000 रुपये चुकाने होंगे।

बेसिलस कैलमेट-ग्यूरिन (BCG) वैक्सीन लगभग 100 साल पहले तैयार की गई थी। इससे ट्यूबरकुलोसिस या टीबी (तपेदिक) के बैक्टीरिया के खिलाफ इम्यूनिटी पैदा होती है।

पिछले 24 घंटों के दौरान, कुल 16883 कोविड-19 के रोगी कोरोना वायरस के उपचार के बाद ठीक हुए हैं। इसके साथ ही अब तक कुल ठीक हुए कोरोना मरीजों की संख्या 4,56,883 हो चुकी है।

डब्ल्यूएचओ के एक सर्वे के अनुसार 73 देशों ने चेताया है कि कोविड-19 महामारी के कारण उनके यहां एड्स की जीवनरक्षक दवाओं का स्टॉक ख़त्म होने वाला है। वहीं, 24 देशों ने कहा कि उनके यहां एड्स की ज़रूरी दवाएं या तो बहुत कम हैं या उनकी सप्लाई बुरी तरह बाधित हुई है।