कोरोनावायरस अमेरिका

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन लेने के लिए हो रही आलोचना पर अपने जवाब में इसे कोरोना वायरस के ‘बचाव का एक तरीका’ बताया है।

कोरोनावायरस के सही आंकड़े छिपाने के आरोप में दुनिया के कई देशों ने चीन पर सवाल उठाए हैं। क्योंकि कोरोनावायरस की शुरआत चीन से ही हुई है और चीन इस तरह के वायरस से निपटने में सक्षम भी है।

भारतीय-अमेरिकी रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने कहा है कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी ने अमेरिका की चीन पर निर्भरता को समाप्त करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

दुनिया पर कहर बनकर टूटा महामारी कोरोनावायरस अमेरिका में सबसे ज्यादा प्रबल नजर आ रहा है। अमेरिका में लाखों लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं वहीं पिछले 3 महीने में यहां 90 हजार लोग मारे जा चुके हैं।

Moderna Inc. ने दावा किया है कि उसका पहला ट्रायल सफल हुआ है। इसकी वैक्सीन के जरिए शरीर में एंटीबॉडीज बन रही हैं, जो कोरोना वायरस के हमले को काफी कमजोर बना देती हैं।

अमेरिका से सोमवार को एक अच्छी खबर सामने आई। कोरोना वायरस का टीका विकसित करने से जुड़े एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में अमेरिका की एक जैव प्रौद्योगिकी कंपनी ने सोमवार को कहा कि लोगों में टीके के शुरुआती परीक्षण के परिणाम आशाजनक रहे हैं।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए दुनियाभर के देशों को 2 बिलियन डॉलर की रकम यानी करीब 15 हजार 166 करोड़ रुपए की रकम देने का ऐलान किया है।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कोरोनावायरस से निपटने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के तौर-तरीकों की आलोचना की है।

कोरोनावायरस संक्रमण काल के दौरान अमेरिका और चीन के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। अमेरिकी सरकार चीन पर कोरोनावायरस से जुड़ी शुरुआती जानकारियां छिपाने के आरोप लगा रही है।

अमेरिका और चीन के बीच वैश्विक महामारी कोरोनावायरस को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों ही देशों की तरफ से लगातार जुबानी जंग चल रही है।