कोरोनावायरस वैक्सीन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को ऐलान किया कि उनके देश ने कोरोना की पहली वैक्सीन बना ली है। व्लादिमीर पुतिन ने दावा किया कि ये दुनिया की पहली सफल कोरोनावायरस वैक्सीन है, जिसे रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है।

इस समय देश और दुनिया में कोरोना वायरस कहर बरपा रहा है। इस महामारी से संक्रमितों और मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। भारत में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी वैक्‍सीन को ह्यूमन क्‍लीनिकल ट्रायल की मंजूरी मिल गई है। जो राहत की खबर है।

दुनिया भर में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं ऐसे में चीन से राहत देने वाली खबर सामने आयी है। वहां की एक दवा कंपनी ने दावा किया है कि कोरोना वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल में 90% मरीजों पर असरदार साबित हुई है।

कोरोना वायरस वैक्‍सीन से जुड़ी एक अच्‍छी खबर आई है। अमेरिका में एक कंपनी का ट्रायल फेज टू में पहुंच गया है। चीन में एक वैक्‍सीन फेज टू पूरा कर चुकी है और अगले साल की शुरुआत तक मार्केट में उतारी जा सकती है।

भारत में 8 राज्यों में वैक्सीन पर काम करने के लिए 14 विभिन्न प्रोजेक्टस पर कार्य शुरू किए गए है। जिसमें सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर भी योगदान दे रही है।

इस बीच ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कोविड-19 के इलाज के लिए बनाई गई वैक्सीन को छह बंदरों पर टेस्ट किया है। टेस्ट के परिणाम सकारात्मक आए हैं।

महामारी कोरोनावायरस से निपटने के लिए हर देश अपने स्तर पर कई तरह की योजनाओं पर काम कर रहा है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में अपनी भूमिका को सुदृढ़ कर रहा है।

कॉलेज के प्रिंसीपल का कहना है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही कोरोना के इलाज की खुशखबरी यह कॉलेज देगा। उनका कहना है कि ट्रॉयल के बाद सभी मरीजों का कोरोना टेस्ट कराया जाएगा।

उन्होंने मीडिया के सवाल के जवाब में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही वैक्सीन तैयार कर ली जाएगी, लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि ऐसा होगा ही।

चीन ने अपने लोगों को बीमारी से बचाने और अंतरराष्ट्रीय आलोचना से बचने के लिए ड्रग कंपनियों को तबाड़तोड़ संसाधन मुहैया करा दिए हैं। ताकि वे जल्द से जल्द से वैक्सीन बना सकें।