कोरोना का असर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोनावायरस के जारी प्रकोप के बीच एकेडमिक सेशन 2019-20 में कक्षा 9वीं और 11वीं तथा पहली से 8वीं कक्षा तक के छात्रों को सामान्य पदोन्नति देने का निर्णय लिया है।

नई दिल्ली। कोरोनावायरस से छिड़ी जंग को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन है, इसको लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया(RBI) की...

प्रधानमंत्री ने सामूहिक रूप से संपूर्ण मानव जाति के लिए एक नए वैश्वीकरण की शुरुआत करने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि चिकित्सा अनुसंधान स्वतंत्र रूप से सभी देशों के लिए उपलब्ध होना चाहिए।

इधर कोरोना वायरस से इस वक्त 172 देश प्रभावित हैं। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक इस बीमारी से 4 लाख 38 हजार लोग संक्रमित हो चुके हैं। जबकि इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 19500 को पार कर चुकी है।

वैज्ञानिक के मुताबिक, अमेरिका या इटली में कोविड-19 धीरे-धीरे फैला और फिर अचानक तेजी से मामले आए। मौजूदा अनुमान देश में शुरुआती चरण के आंकड़ों पर है, जो कि कम टेस्टिंग की वजह से है।

यह निर्णय मुख्य सचिव असित त्रिपाठी की सभी जिला कलेक्टरों के साथ हुई मीटिंग के बाद लिया गया। इससे पहले, राज्य में 5 जिलों और 8 शहरों में लॉकडाउन की घोषणा की गई थी।

कुछ लोग ऐसे पाए जा रहे हैं जो इस वायरस को बहुत हल्के में ले रहे हैं। वो ना तो इससे सतर्क रह रहे हैं और ना ही इसको लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं।

मस्जिदों के पदाधिकारियों से नमाज के समय सिर्फ अजान करके लोगों को जानकारी देने का अनुरोध किया था और नमाज घरों में पढ़ने की बात कही थी।

लोगों से कोरोना के बारे में जब पूछा गया तो उन्होंने कहा, "हमें लगता है कि कोरोना के खतरे को हौव्वा बनाकर पेश किया गया है। 42 फीसदी भारतीय इस विचार से मजबूते से सहमत नजर आए जबकि 12 फीसदी इससे सिर्फ सहमत नजर आए।"

ICMR की ताजा स्टडी भी इसी ओर इशारा कर रही है कि अगर सख्ती के साथ क्वारंटीन, होम स्टे जैसे फॉर्मूले को अपना लिया जाए तो इस वायरस के अनुमानित संदिग्ध केसों में 62 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है।