कोरोना की वैक्सीन

Dr Harshvardhan: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने देश में कोरोना(Corona) के हालात पर कहा कि, "हमारा रिकवरी रेट दुनिया में सबसे ज़्यादा है और मृत्यु दर सबसे कम है और रोज़ कोरोना वायरस(Virus) के मामलों में कमी आ रही है।

Corona Virus: इस महामारी की चपेट में आने से देशभर कुल 1,47,622 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा ठीक होने वालों की संख्या 97,61,538 है तो देश में अभी भी एक्टिव मामलों की संख्या 2,78,6900 है।

Corona Vaccine: मालूम हो कि यह वैक्सीन(Vaccine) भारत में पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया बना रहा है। वैक्‍सीन(Vaccine) की एफेकसी को लेकर कहा गया कि, इसकी एफेकसी तब अधिक रही जब एक फुल डोज के बाद आधी डोज और दी गई, न कि दो फुल डोज देने पर।

Moderna Corona Vaccine: अमेरिका(America) के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन( Food and Drug Administration ) ने बीते दिनों मॉडर्ना वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी देने के संकेत दिए थे। वहीं फाइजर की वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है।

Corona Vaccine: सिर्फ वैक्सीन(Vaccine) पाने के लिए ही नियम नहीं होंगे बल्कि वैक्सीन दिए जाने को लेकर भी सरकार की तरफ से कुछ अनिवार्यताएं रखी गई हैं। इनमें कोविड(Covid) वैक्‍सीन देने की जगह पर तीन कमरे होने जरूरी हैं।

Covid-19: गौरतलब है कि आठ दिनों से देश में लगातार उपचाराधीन लोगों की संख्या चार लाख से कम है। अभी कुल 3,52,586 लोगों का कोरोना वायरस(Corona Virus) का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 3.57 प्रतिशत है।

CM Yogi Adityanath in Gorakhpur: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के अभूतपूर्व संकट में प्रधानमंत्री की अगुवाई में जो असाधारण कार्य हुए वह तकनीकी से ही सम्भव थे। आप भी तकनीक से जुड़ें। इसका बेहतर उपयोग करें।

Lockdown: सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि, केंद्र सरकार(Central Government) देशभर में एक बार फिर से 15 दिनों के लिए लॉकडाउन(Lockdown) लगाने का ऐलान किया है।

Corona Vaccine: रणदीप गुलेरिया(Randeep Guleria) ने बताया कि इसके साथ हमें वैक्सीन(Vaccine) के वितरण के प्लान पर काम करना होगा और यह भी तय करना होगा कि शुरुआत में किसे वैक्सीन दी जाए।

Corona Vaccine Pfizer: फाइजर(Pfizer) और बायोएनटेक कोरोना वायरस वैक्सीन(Corona Virus) का आकलन करने के लिए ब्रिटेन की मेडिसिन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (एमएचआरए) से मंजूरी दे दी गई।