कोविड-19

पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज इससे पहले, दिल्ली सरकार को भी कोरोना से मदद के लिए 50 लाख रुपये जारी कर चुके हैं। गंभीर से पहले केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू ने भी अपने सांसद फंड से एक करोड रुपये जारी किए थे।

पेटीएम ने अपने बयान में कहा, "कोरोना महामारी से लड़ने के लिए किए जा रहे सभी राहत उपायों में सरकार की सहायता के लिए अपना कर्तव्य निभाते हुए हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं। हमें आशा है कि हमारे यूजर्स दिल खोल कर पीएम केयर्स फंड में जिंदगियों को बचाने में मदद के लिए आगे आएंगे।"

जानकारी के मुताबिक पूरे दिल्ली में इस तरह के अनाउंसमेंट किए गए, इसी के बाद हालत बिगड़ गई। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है। ऐसे में ये सवाल अरविंद केजरीवाल सरकार से पूछा जा रहा है कि आखिर ये अनाउंसमेंट कैसे किए गए? दिल्ली सरकार का इसमें क्या रोल है?

पीएम मोदी ने कहा, "सामाजिक दूरी बढ़ाएं, लेकिन भावनात्मक दूरी को कम करें।" कोविड-19 को गंभीरता से नहीं लेने वाले कई देशों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, "वे इसका खामियाजा भुगत रहे हैं।"

खेल मंत्री किरण रिजिजू ने देश को कोरोनावायरस प्रकोप के खिलाफ लड़ने के लिए एक करोड़ रुपये का दान दिया है। वायरस के प्रकोप से बचाव के लिए विभिन्न खेलों से जुड़ी हस्तियों ने भी दान किया है। रिजिजू ने ट्विटर पर लिखा, "मैं अब राशि जमा कर रहा हूं। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने यह आह्वान किया है कि इस महामारी को देखते हुए भाजपा के सभी सांसद अपनी सांसद निधि से 1,00,00,000 (एक करोड़) की निधि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में देंगे।"

भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में 52 लाख रुपये की मदद करने का फैसला किया है। रैना ने 31 लाख रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष और 21 लाख उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का फैसला किया है

टाटा ट्रस्ट ने शनिवार को कोविड-19 से लड़ाई के लिए 500 करोड़ रुपये की घोषणा की। टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतन एन. टाटा ने कहा कि भारत और दुनिया में वर्तमान हालात गंभीर चिंता के विषय हैं और तत्काल कार्रवाई की जरूरत है।

लॉक डाउन के बीच एसपी कुमार आशीष के मोबाइल पर गुरुवार की शाम एक फोन कॉल आया। कॉलर ने फोन रिसीव होते ही एसपी को अपशब्द कहना शुरू किया, बिना किसी कारण और बिना कुछ बताये। एसपी को अपशब्द कहे जा रहे थे मगर उन्होंने अपना धैर्य नहीं खोया। उन्होंने मीडिया को बताया- ‘’मैं समझ गया था कुछ तो वजह होगी, शायद वे बहुत परेशान हैं और उनकी हालत दयनीय होगी

कोरोना और उसके बाद देश में घोषित/लागू किये गये 'लॉकडाउन' को लेकर अफरा-तफरी मची। लॉकडाउन के चलते सबसे ज्यादा मुसीबत दूर-दराज से मेहनत करके खाने-कमाने राष्ट्रीय राजधानी में पहुंचे लोगों की है। एक तो दो जून की रोटी का जुगाड़ खत्म हो गया, दूसरे गांव-देहात में किराये के मकानों में रहने के बदले किराया चुकाने की चिंता है।

वैश्विक महामारी कोरोनावायरस से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से आर्थिक मदद की मांग की है। पीएम मोदी ने ट्विटर के जरिए कहा कि देश के लोग पीएम केयर्स फंड में सहयोग राशि दें।