कोविड-19

निर्मल सिंह को लेकर सिविल सर्जन ने बताया कि निर्मल सिंह हाल ही में विदेश से लौटे थे। 30 मार्च को उनको सांस फूलने और चक्कर आने की शिकायत हुई थी।

अख्तर ने इससे पहले, इस बीमारी के खिलाफ लोगों को जाति धर्म से ऊपर उठकर लोगों की मदद करने का अनुरोध किया था। अख्तर ने अपने यूटयूब चैनल पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने लोगों से अनुरोध किया था कि वे एक वैश्विक कार्यबल के रूप में काम करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्दशों का पालन करें।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 24 घंटे में 386 मामले सामने आए हैं। मरकज की वजह से देश के हालात खराब हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि लॉकडाउन में धार्मिक कार्यक्रम नहीं होने चाहिए।

मेरठ के लाला जी लाजपत राय स्मारक चिकित्सा महाविद्यालय के प्रचार्य आरसी गुप्ता ने बताया, "मृतक मेरठ के पहले संक्रमित मरीज इकरामुल हसन के ससुर थे। मृतक की उम्र 72 साल थी। वह 29 मार्च को एडमिट हुए थे।"

एक अधिकारी ने कहा, "ओपीडी के साथ अस्पताल को भी सेनिटाइजेशन के लिए बंद कर दिया गया है।" राजधानी में डॉक्टर के कोरोनावायरस संक्रमित होने का यह तीसरा मामला है।

विप्रो लिमिटेड, विप्रो एंटरप्राइजेज लिमिटेड और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने कोरोना वायरस के खिलाफ देश में जारी अभियान में कुल 1,125 करोड़ रुपये का योगदान देने की घोषणा की है। कंपनी ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि इससे संक्रमण से पहले मोर्चे पर लड़ रहे स्वास्थ्यकर्मियों की मदद होगी।

मौलाना साद के इस कथित ऑडियो क्लिप में कुछ लोग उनकी 'हां में हां' मिला रहे हैं। आईएएनएस इस ऑडियो क्लिप की सत्यता प्रमाणित नहीं कर रहा है। हालांकि फरार चल रहे मो. साद कंधावली के करीबी ऑडियो में उन्हीं की आवाज मान रहे हैं।

अमेठी के कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एक ट्रक गेहूं आया है और क्षेत्र में लोगों के बीच वितरित किया जाएगा। राहुल गांधी अमेठी से पिछले आम चुनाव में भाजपा की स्मृति ईरानी से हार गए थे।

दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में बिना सब्सिडी के 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर का दाम घटकर क्रमश: 744 रुपये, 774 रुपये, 714.50 रुपये और 761.50 रुपये हो गया है। यह कीमत एक अप्रैल से लागू है।

दरअसल तबलीगी जमात के आयोजक मौलाना मोहम्मद साद का एक ऑडियो वायरल हो रहा है। जिसमें वह कोरोना का जिक्र करते हुए कहते हैं कि मरने के लिए मस्जिद से अच्छी जगह नहीं हो सकती। इससे साफ है कि उन्हें पहले से पता था कि ऐसे जुटने से कोरोना का खतरा है। वायरल ऑडियो में मौलाना साद कई बातें कहते सुनाई दे रहे।