खाद्य तेल

चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप गहराने से दुनियाभर के बाजारों में मंदी का माहौल है, जिससे कृषि उत्पाद बाजार भी प्रभावित हुआ है।

पिछले तेल-तिलहन सीजन 2018-19 (नवंबर-अक्टूबर) के दौरान भारत ने 149.13 लाख टन खाद्य तेल का आयात किया, जबकि इससे एक साल पहले 2017-18 के दौरान खाद्य तेल का आयात 145.16 लाख टन हुआ था।

प्याज और लहसुन के साथ-साथ खाने के तेल में भी महंगाई का तड़का लग गया है। आयात महंगा होने से खाने के तमाम तेलों के दाम में भारी इजाफा हुआ है और आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को इसके लिए अपनी जेब और ढीली करनी पड़ सकती है क्योंकि खाद्य तेल की महंगाई से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं।

जोमाटो के रीतेश खेरा ने कहा, "हमारा उद्देश्य हर एक के भोजन की गुणवत्ता में सुधार करना है। उपयोग के बाद बचे खाद्य तेल के अन्य उपयोग के लिए एफएसएसएआई की पहल और सरकार का बायोडीजल उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य हमें अपने शक्तिशाली सप्लाई चेन का लाभ लेते हुए इस काम को बड़े स्तर पर करने का हौसला देता है।