गणतंत्र दिवस

भले ही यूपी पुलिस को अब कई अत्याधुनिक असलहों से सुसज्जित कर दिया गया है लेकिन आजादी के पहले से लेकर अब तक पुलिस की शान रही ये रायफल अपने कार्यकाल में कई बड़े ऑपरेशन को अंजाम देकर पुलिसिया तंत्र की शोभा बढ़ा चुकी है। 

इसी तरह दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में लोगों ने गणतंत्र दिवस के मौके पर झंडा लहराया। हज़ारों की संख्या में लोग ध्वजारोहण के लिए एकत्रित हुए। ध्वजारोहण के लिए एक अलग से मंच बनाया गया था। शाहीन बाग में हज़ारों लोगो ने एक साथ मिलकर राष्ट्रगान गया।

राजपथ पर भारतीय सेना का T-90 भीष्म टैंक को पेश किया गया। इसके अलावा के-9 वज्र-टी टैंक की भी नुमाइश की गई है।

केंद्र सरकार की तरफ से गणतंत्र दिवस के मौके पर दिए जाने वाले पद्म सम्मान में इस बार 118 हस्तियों को पद्म श्री, 16 लोगों को पद्म भूषण और 7 लोगों को पद्म विभूषण सम्मान से नवाजा गया है।

वर्ष 1950 में आज के ही दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। इसे बनाने में दो वर्ष 11 माह और 18 दिन का समय लगा था। पहले गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर परेड हुई थी, और तभी से यह परंपरा जारी है।

कोविंद ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, "गांधीजी के सत्य और अहिंसा के संदेश को आत्मसात करना हमारी दिनचर्या का हिस्सा होना चाहिए, जो हमारे समय में और ज्यादा आवश्यक हो गया है।"

हर साल की तरह इस बार भी हम अपना गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाने के लिए तैयार हैं। इस साल हम अपना 71वां गणतंत्र दिवस सेलिब्रेट करने जा रहे हैं।

ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर मेसियस बोलसोनारो इस साल के मुख्य अतिथि हैं, जो प्रधानमंत्री के साथ भारत की समृद्ध विविधता को देखेंगे। 22 झाकियां राजपथ से होकर गुजरेंगी, उनमें से 16 राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों की होंगी, जबकि शेष छह विभिन्न मंत्रालयों से हैं।

जहां देशभर में 26 जनवरी का दिन बड़े ही उत्साह और देशभक्ति की भावना से मनाया जाता है तो वहीं इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ ऐसा करने जा रहे हैं जो पहली बार होगा।

संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, आरएसएस प्रमुख गणतंत्र दिवस गोरखपुर में ही मनाएंगे। भागवत 26 जनवरी की सुबह झंडा फहराएंगे और इसके बाद गोरखपुर में शाखा स्तर के स्वयंसेवकों से बातचीत करेंगे।