गर्भावस्था

डॉ. सुजाता ने बताया कि, गर्भवस्था के समय महिलाओं को अपने भोजन में काबरेहाईड्रेट, फैट, प्रोटीन, विटामिन, हाई फाइबर व मिनरल्स आदि को शामिल कर संतुलित भोजन का सेवन करना चाहिए। साथ ही प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ जैसे विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ, अखरोट, बादाम, सुपर फूड जैसे हल्दी, अदरख, लहसुन आदि का सेवन करना चाहिए।

गेहूं के दाने के बराबर चूना गन्ने के रस में मिलाकर पिलाने से बहुत जल्दी पीलिया ठीक कर देता है। और यही चूना नपुंसकता की भी सबसे अच्छी दवा है, अगर किसी के शुक्राणु नहीं बनता, उसको अगर गन्ने के रस के साथ चूना पिलाया जाये, तो साल डेढ़ साल में भरपूर शुक्राणु बनने लगेंगे।

तम्बाकू का असर पुरुष प्रजनन क्षमता पर भी भारी दुष्प्रभाव डालता है। यह रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और रक्त प्रवाह को प्रभावित करता है। कुछ अध्ययनों में धूम्रपान के प्रभाव का इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और यौन प्रदर्शन में कमी से भी संबंध पाया गया है।

प्रसव के दौरान जटिलताएं एक आम बात है। कई महिलाएं इससे पीड़ित हैं और इसके पीछे के कारण कई हो सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान कामकाजी महिलाओं की सामान्य गलतियों के कारण जटिलताएं होती हैं, विशेष रूप से अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, दोनों की देखभाल नहीं करने की वजह से ऐसा होता है।

अस्थमा के पीड़ितों को इंहेलर का प्रयोग करते समय तुरन्त मुंह नही खोलना चाहिए, जिससे दवा के कण सीधे फेफड़ों में पहुंच सकें। इसके साथ ही इंहेलर इस्तेमाल करने का सही तरीका हमेशा डॉक्टर से चेक कराते रहें, जिससे अस्थमा को नियंत्रित करने में मदद मिल सकें। 

एक विकासशील राष्ट्र के रूप में भारत लगभग हर उद्योग में विदेशी निवेश को बढ़ाते हुए तेजी से बदलाव और तरक्की की ओर अग्रसर है। देश की आर्थिक स्थिति के बावजूद स्वास्थ्य का क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है।

आमतौर पर गर्भावस्था में पेट दर्द होना सामान्य बात है लेकिन अगर यह लगातार हो रहा है तो परेशानी बढ़ सकती है। गर्भावस्था में किस तरह का पेट दर्द सामान्य माना जा सकता है और किस तरह का नहीं, इसे समझना जरूरी है।

नई दिल्ली। गर्भावस्था ऐसा समय है जब मां को अच्छे पोषण की जरूरत होती है। इस दौरान सही पोषण बच्चे...