गलवान घाटी

पूर्वी लद्दाख स्थित गलवान घाटी (Galwan Valley) में पर भारत-चीन (India-China)  के बीच पिछले 3 महीने से तनाव बना हुआ है। इस बीच सीमा विवाद को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करने के एक दिन बाद, कांग्रेस (Congress) ने रविवार को सवाल किया कि एलएसी (LAC) और लद्दाख की गलवान घाटी (Galwan Valley) में हुई घटना के संदर्भ में स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने चीन का नाम क्यों नहीं लिया।

हरियाणा (Haryana) के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar lal Khattar) ने शनिवार को यहां 74 वें स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) पर राष्ट्रीय ध्वज (National Flag) फहराया और लद्दाख में सेना के जवानों को उनकी बहादुरी के लिए श्रद्धांजलि दी।

सीमा विवाद के बाद से भारत और चीन के बीच तनाव जारी है। एक तरफ जहां भारत सरकार ने चीन को सबक सिखाने के लिए कई बड़े कदम उठाए है। वहीं दूसरी ओर चौतरफा घिर ड्रैगन अब भारत की तारीफ के कसीदे पढ़ने लगा है।

बीते 14 जुलाई को कोर कमांडर स्तर की बैठक के दौरान एक रोडमैप तैयार किया गया था, जिसके अनुसार चीन को अपने सैनिकों को पूरी तरह से पीछे हटाना था, हालांकि वह उस रोडमैप का पालन नहीं कर रहा है।

भारत-चीन सीमा संघर्ष के संदर्भ में, पोम्पियो ने बीजिंग पर अपने पड़ासियों को परेशान करने का आरोप लगाया और पूर्वी लद्दाख में भारत के साथ टकराव उकसाने के लिए दोषी ठहराया।

आपको बता दें पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ भारतीय जवानों की हिंसक झड़प हुई थी। इस झड़प में कर्नल संतोष बाबू समेत 20 जवान शहीद हो गए थे। कर्नल बाबू 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग अफसर थे।

चीनी सेना फिंगर 4 से लेकर फिंगर 8 तक भारतीय सीमा में आठ किमी अंदर तक आ गई थी। भारत का मानना है कि एलएसी फिंगर 8 से शुरू होती है।पेट्रोलिंग पॉइंट 14 कहे जाने वाले गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सेना के बीच तीन किलोमीटर की दूरी है, जबकि पेट्रोलिंग पॉइंट 15 के पास, जवानों के बीच दूरी लगभग आठ किलोमीटर है।

पूर्वी लद्दाख स्थित गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच 15-16 जून की दरमियानी रात हिंसक झड़प हो गई थी। इस झड़प में सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। वहीं, इस घटना में चीन के भी 43 जवान हताहत हुए थे। हालांकि, चीन ने हताहत हुए जवानों को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया था।

पूर्वी लद्दाख स्थित गलवान घाटी में भारत और चीन सैनिकों के बीच 15-16 जून की दरमियानी रात हिंसक झड़प हो गई थी। इस झड़प में सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। वहीं, इस घटना में चीन के भी 43 जवान हताहत हुए थे।