गलवान घाटी

भारत के खिलाफ धोखेबाजी करना अब ड्रैगन को महंगा पड़ रहा है। पिछले दिनों पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत अपने 20 जवानों की शहादत का प्रतिशोध लेने के लिए हर मोर्चे पर चीन को करारी शिकस्त देने के लिए तैयार हो चुका है।

वैसे तो चीन का भारत के साथ सीमा-विवाद कोई नई और अनोखी बात नहीं है। डोकलाम प्रकरण भी पुरानी बात नहीं है। मगर पिछले कुछ वर्षों में भारत द्वारा अपने सीमाई क्षेत्रों में सड़क, पुल, मोबाइल टॉवर और हवाई पट्टी आदि के निर्माण में विशेष तेजी दिखाई गई है।

सीमा विवाद के बीच अब चीन बैकफुट पर आ गया है। गलवान घाटी, हॉट स्प्रिंग्स इलाके को वह पहले ही खाली कर चुकी थी। अब चीनी सेना ने गुरुवार को गोगरा इलाके को भी खाली कर दिया है।

सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, "प्रिय प्रधानमंत्री, 1. क्या आप हमारे क्षेत्र में बफर जोन का निर्माण कर रहे हैं? 2. क्या आप हमारी सेना को पीछे कर रहे हैं? 3. क्या आप पीपी-14 को भारतीय सेना का होने से समझौता कर रहे हैं? 4. क्या आप गलवान घाटी में भारत के दावे को कमजोर कर रहे हैं? भारत जवाब चाहता है।"

पोम्पियो ने कहा, 'मैंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से इस (चीन की आक्रामक गतिविधियों) के बारे में कई बार बात की है। चीन वालों ने अत्यंत आक्रामक गतिविधियां संचालित की हैं। भारतीयों ने उनका जवाब भी सर्वश्रेष्ठ तरीके से दिया है।'

गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख स्थित गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच 15-16 जून की दरमियानी रात हिंसक झड़प हो गई थी। इस झड़प में सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे।

सूत्रों ने कहा गलवान घाटी में भारतीय क्षेत्र पर अब चीनी सैनिक नहीं हैं। जानकारी दी कि चीनी सैनिकों द्वारा बनाए गए अस्थायी ढांचे हटाए गए हैं।

राहुल गांधी ने लद्दाख में चीन के पीछे हटने और चीनी पक्ष से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से बातचीत को लेकर कुछ सवाल उठाए है।

गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सेना के पीछे हटने की शुरुआत से एक दिन पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने टेलीफोन पर बात की जिसमें वे एलएसी से सैनिकों के तेजी से पीछे हटने पर सहमत हुए।

गलवान घाटी में विवाद के बिन्दु से चीन के पीछे हटने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर झाओ ने कहा, ‘‘अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिक पीछे हटने और तनाव कम करने के लिए प्रभावी कदम उठा रहे हैं और इस दिशा में प्रगति हुई है।’’