गहलोत सरकार

मायावती ने अपने छह विधायकों के कांग्रेस में विलय के खिलाफ राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। बता दें कि बसपा महासचिव सतीश मिश्रा की ओर दाखिल याचिका में विधायकों के विलय को चुनौती दी गई है।

मुकेश भाकर ने ट्वीट कर लिखा, "जिंदा हो तो जिंदा नजर आना जरूरी है उसूलों पर आंच आए तो टकराना जरूरी है।" कांग्रेस में निष्ठा का मतलब है अशोक गहलोत की गुलामी। वो हमें मंजूर नहीं।

राजस्थान में गहलोत सरकार संकट में घिरी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी एक्शन में आ गईं हैं।

राजस्थान के चर्चित राजगढ़ सीआई विष्णुदत्त बिश्नोई आत्महत्या मामले की जांच सीबीआई करेगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मामले की जांच सीबीआई से करवाने पर सहमति दे दी है।

आदेशानुसार, सार्वजनिक स्थानों पर थूकना आगे आने वाले समय में भी एक दंडनीय अपराध बना रहेगा। लॉकडाउन 4.0 के दिशा-निर्देशों को संशोधित करते हुए राज्य सरकार ने रेड जोन में सोशल डिस्टेंसिंग और स्वच्छता को सुनिश्चित करते हुए टैक्सी, ऑटो व कैब सेवाओं को संचालित करने की अनुमति दे दी है।

इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा और एक बस में मात्र 30 छात्रों को भी बैठाया जाएगा। कोटा जिले के एक अधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन ने भी 100 बसों का इंतजाम किया है, ताकि अगर यूपी सरकार की बसें कम पड़े तो इनका इस्तेमाल किया जा सके।

ये भी देखा गया है कि गहलोत सरकार ने कोटा के जे के लोन अस्पताल में बच्चों की मौत के मामले को जिस तरीके हैंडल किया है उसको लेकर उसकी भारी भरकम आलोचना हुई है।

रखपुर में दिमागी बुखार और बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से मरनेवाले लोगों और बच्चों पर सियासत खूब देखने को मिली थी। लगातार ये दोनों खबरें मीडिया की सुर्खियां बनी रहीं। लेकिन राजस्थान के कोटा में 48 घंटे में 10 बच्चे की मौत और साल भर में हजार से ज्यादा बच्चों की मौत पर भी सब कुछ सामान्य नजर आ रहा है।

चुनाव जीतने के बाद गहलोत सरकार ने को-ऑपरेटिव बैंकों के किसानों के कर्ज माफ करने की घोषणा कर दी, लेकिन बैंकों को देने के लिए सरकार के पास पैसे नहीं है। लिहाजा बैंकों के पास पैसे नहीं होने से किसानों को नए लोन नहीं मिल पा रहे हैं।

गुर्जर आंदोलन जिस तरीके से उग्र हो रहा था उसको लेकर राजस्थान में काफी बैठके हो रही थीं। मंगलवार को गहलोत सरकार इस संबंध में दिनभर बैठकें करती रही और कैबिनेट में यह तय किया कि बुधवार को विधानसभा में 10 फीसदी सवर्ण आरक्षण बिल के साथ 4 फीसदी गुर्जर आरक्षण देने का संकल्प पत्र भी पारित किया जाएगा।