गांधी जयंती

इस कार्यक्रम का हिस्सा आमिर खान, शाहरुख खान और कंगना रनौत समेत तमाम बड़े सितारें बनें। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लोगों से महात्मा गांधी के विचारों के बारे में संवाद किया। 

उत्तर प्रदेश सरकार ने गांधी जयंती पर विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाया था, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने इस सत्र का बहिष्कार किया था। पार्टी के सत्र बहिष्कार के बावजूद रायबरेली सदर से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने सत्र में हिस्सा लिया था। अब कांग्रेस अदिति के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर ऊहापोह की स्थित में है।

पीएम मोदी ने कहा, विश्व स्तर पर हो रहे कई सकारात्मक बदलावों में भारत सबसे आगे है। आज भारत के पासपोर्ट कि ताकत बढ़ गई है। आज जिसके पास भारत का पासपोर्ट होता है दुनिया उसके सामने इज्जत के साथ देखती है।

लेख में पीएम मोदी ने कहा है, ‘’मार्टिन लूथर किंग भारत को किसी धार्मिक स्थल जैसा मानते थे, क्योंकि वह गांधी से काफी प्रभावित थे।’’ पीएम मोदी ने कहा, ‘’बापू के पास सामान्य सी चीजों के साथ बड़े स्तर पर लोगों को जागरूक करने की क्षमता थी।

विपक्ष के अनुपस्थित रहने पर उन्होंने कहा, "गांधी जी ने जिन आदशरें और मूल्यों को सबके सामने रखा, आज कांग्रेस उसी का बहिष्कार कर रही है। हमारे विपक्ष के मित्रों ने विकास से मुंह मोड़ा है, इसीलिए जनता भी उनका साथ नहीं दे रही है। विपक्ष ने बापू का अपमान किया है।"

कांग्रेस की पदयात्रा के समापन पर सोनिया गांधी ने कहा कि कुछ लोग आज RSS को देश का प्रतीक बनाना चाहते हैं, लेकिन ये संभव नहीं है। हमारे देश की नींव में गांधी के विचार हैं।

महात्‍मा गांधी की 150वीं जयंती पर राष्ट्रपति, पीएम समेत तमाम नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर आज कांग्रेस पार्टी देश के कई हिस्सों में पदयात्रा निकाल रही है। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी इस यात्रा की अगुवाई कर रहे हैं। दिल्ली में यह पदयात्रा कांग्रेस दफ्तर से राजघाट तक निकाली गई।

हालांकि विपक्ष ने इस सत्र के बहिष्कार का निर्णय लिया है। मुख्य सचेतक वीरेंद्र सिंह सिरोही ने बताया, "सत्र की शुरुआत में सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदन को संबोधित करेंगे। इसके बाद अन्य नेताओं को मौका मिलेगा।"

गांधी के शिक्षा दर्शन को आत्मसात कर यदि युवाओं को उनके विचारों से लैस किया जाए तो परिणाम बेहतर होगा, लेकिन यदि लक्ष्य सिर्फ नौकरी तक सीमित रहेगा तो परिणाम निराशाजनक होगा।