गुजरात

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार इस काम को करने के प्रयास में है कि उनके राज्य में वापस लौटकर आए श्रमिकों को राज्य से बाहर काम करने के लिए नहीं जाना पड़े।

कोरोना से प्रभावित राज्यों की बात करें तो कोरोना के अस्सी परशेंट से ज्यादा मामले सिर्फ पांच राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश में हैं।

गुजरात सरकार अपनी जनता के साथ-साथ प्रवासी मजदूरों का भी खास ख्याल रख रही है।

कोरोना महामारी से निपटने के लिए गुजरात में अब सरकार ने राज्य व्यापी अभियान छेड़ दिया है। इस अभियान को 'मैं भी कोरोना वॉरियर' के शीर्षक के साथ शुरू किया गया है।

गुजरात सरकार अपनी जनता के साथ-साथ प्रवासी मजदूरों का भी खास ख्याल रख रही है।

वहीं गुजरात सरकार की मानें तो अहमदाबाद के लोगों ने ऑनलाइन शॉपिंग के द्वारा 30 हजार के लगभग ऑर्डर किये और 8.5 करोड़ रुपए का कैशलेश पेमेन्ट किया। 7 दिनों के बाद आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुलने के बाद भी अहमदाबाद के लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पूर्ण रूप से पालन किया।

भारत जिस वक्त 52वां गणतंत्र दिवस मना रहा था, सुबह पौने नौ बजे गुजरात का भुज भूकंप से हिल उठा। धरती की कंपकंपी सिर्फ दो मिनट की ही थी, लेकिन इसी दो मिनट में सब खत्म।

गुजरात में लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों को लेकर छत्तीसगढ़ जा रहा एक ट्रक महोबा जिले के पनवाड़ी कस्बे के पास शुक्रवार तड़के पलट गया।

गुजरात के सूरत शहर से सुबह सात बजे बांदा रेलवे स्टेशन पहुंची दूसरी ट्रेन में 1792 मजदूर सवार थे, जबकि मुंबई से सुबह साढ़े दस बजे पहुंची तीसरी ट्रेन में 1300 प्रवासी मजदूर थे।

कोरोना से लड़ाई में गुजरात उपलब्धियों के नए कीर्तिमान बना रहा है। गुजरात में कोरोना के मरीज़ बेहद तेज गति से ठीक हो रहे हैं।