गुजरात

उन्होंने कहा कि बीते 10-11 साल में जहां भारत का कुल आलू उत्पादन 20 फीसदी की दर से बढ़ा है, वहीं गुजरात में 170 फीसदी की दर से बढ़ा है।पीएम मोदी ने कहा, "गुजरात में आलू उत्पादन की क्वांटिटी और क्वालिटी में यह वृद्धि बीते दो दशक में की गई नीतिगत पहल, नीगितगत फैसले और सिंचाई की आधुनिक और पर्याप्त सुविधाओं के कारण हुई है।"

यह सम्मेलन सभी साझेदारों को एक साझा मंच प्रदान करने के लिए अवसर प्रदान करेगा, ताकि आलू क्षेत्र से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को शामिल कर सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा सके और भविष्य की योजना तय की जा सके।

डोनाल्ड ट्रंप का फरवरी महीने में भारत दौरे पर आने का कार्यक्रम है। यह भारत के लिए भले ही अच्छी खबर हो लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ट्रंप के इस भारत दौरे की बात सुनने के बाद से चिंतित हैं।

नागरिकता कानून को लेकर हो रहे प्रदर्शन की आग गुजरात के अहमदाबाद तक पहुंच गई। गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की टीम को निशाना बनाते हुए पथराव किया। इस हिंसक प्रदर्शन का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिसकर्मियों को पीटते दिखाई दे रहे हैं।

पालनपुर जिले के छपी में हजारों की तादाद में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर गए और सड़क जाम कर दिया। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

किशनगंज में कांग्रेस के विधायक तौसिफ आलम ने विवादित भाषण देते हुए देश के पीएम नरेंद्र मोदी को हत्यारा कह दिया। तौसिफ आलम ने पीएम मोदी को गुजरात के मुसलमानों का हत्यारा कहा और गृह मंत्री अमित शाह को भी अपशब्द कहा।

पुलिस में जाने वाले छात्रों के लिए उत्तर प्रदेश में पुलिस स्कूल खोले जाने की तैयारी हो रही है। इसका संचालन सैनिक स्कूल की तरह ही किया जाएगा। सरकार ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

इस किताब की एक और खासियत है कि इस किताब में सैकड़ों की संख्या में नरेंद्र मोदी की वह दुर्लभ तस्वीरें हैं जो किताब को और ज्यादा रोचक बनाती है।

प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता प्रीतम धालीवाल ने कहा, "हालांकि गुजरात में स्टेच्यू ऑफ यूनिटी सरदार पटेल का उपयुक्त मेमोरियल है, लेकिन राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को स्वीकार करते हुए दिल्ली में भी उनका मेमोरियल होना चाहिए।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की शख्सियत के ऐसे कई पहलू हैं जो बेहद ही रोचक हैं पर आम जनता की नजर से छिपे हुए हैं। अमित शाह अपने व्यक्तिगत जीवन को सार्वजनिक जीवन से एकदम अलग रखते हैं। यही वजह है कि उनके इन पहलुओं का आम लोगों को अंदाजा नहीं है।