चंद्रयान-2

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली के तालकटोरा इनडोर स्टेडियम में आयोजित परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम को संबोधित किया। सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को नए साल की शुभकामनाएं दी।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख के सिवन ने कहा कि हमने पहले ही विक्रम लैंडर को ढूंढ लिया था। सिवन ने कहा, नासा से पहले हमारे ऑर्बिटर ने विक्रम लैंडर को ढूंढा था और इसकी जानकारी हमने अपनी वेबसाइट पर भी डाली थी। आप वहां जाकर देख सकते हैं।

चंद्रयान 2 की लांचिंग के वक्त हादसे का शिकार हुए विक्रम लैंडर के मलबे को आखिर ढूंढ निकाला गया है। करीब तीन महीने बाद विक्रम लैंडर का मलबा चांद की सतह पर मिला है। इससे ढूंढने में सबसे बड़ी भूमिका चेन्नई के एक इंजीनियर ने निभाई है।

अंतरिक्ष में रुचि लेने वाले एक भारतीय द्वारा अमेरिका के ऑर्बिटिंग कैमरा से चंद्रमा की तस्वीरों का निरीक्षण करने के बाद नासा ने कहा कि उसे भारतीय चंद्रयान-2 विक्रम लैंडर का दुर्घटनास्थल और मलबा मिला है।

चंद्रयान-2 मिशन को हर भारतीय ने उत्सुकता के साथ देखा। इसमें कुछ हद तक निराशा हुई जैसा कि माननीय सदस्य ने कहा। लेकिन इसे असफलता के रूप में बताया जाना अनुचित होगा।

चांद पर गड्ढों की संख्या की बात करें तो इसका सही आंकड़ा किसी भी देश की अंतरिक्ष एजेंसी या वैज्ञानिकों के पास नहीं हैं। लेकिन एक अनुमान के अनुसार चांद पर 5185 गड्ढे ऐसे हैं जो 19 किमी से ज्यादा चौड़े हैं।

इससे पहले 4 अक्टूबर को इसरो ने चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर हाई रिजोल्यूशन कैमरे से ली गई तस्वीर जारी किया था। इस हाई रिजोल्यूशन कैमरे ने चंद्रमा के सतह की तस्वीर ली गई थी। इस तस्वीर में चंद्रमा के सतह पर बड़े और छोटे गड्ढे नजर आ रहे हैं।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-2 ऑर्बिटर पर स्थित ऑर्बिटर हाई रिजोल्यूशन कैमरा (ओएचआरसी) द्वारा ली गईं चंद्रमा की सतह की तस्वीरें जारी की हैं।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम को लेकर अपनी रिपोर्ट जारी की है। नासा के अनुसार, लैंडर विक्रम की चांद के सतह पर हार्ड लैंडिंग हुई थी। चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग के दौरान विक्रम से इसरो का संपर्क टूट गया था।

मोदी सरकार ने इन 100 दिनों में देश को इतना कुछ तो दिया ही साथ ही जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का ऐतिहासिक कदम भी उठाया। इसके साथ ही मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक जैसे कुप्रथा से भी निजात दिलाया