चंपत राय

अयोध्या(Ayodhya) में मंदिर निर्माण(Ram Mandir) का कार्य आगे बढ़ रहा है। शुक्रवार को परीक्षण के लिए भूमि के नीचे सौ फुट गहराई तक का पहला स्तम्भ तैयार हो चुका है।

चंपत राय(Champat Rai) ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम का मंदिर(Ram Mandir) 36 से 40 महीने में बनकर तैयार हो सकता है। मंदिर निर्माण में एक ग्राम भी लोहे का प्रयोग नहीं होगा।

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि, "आप अपना पैसा सीधे तौर पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अकाउंट में ट्रांसफर करा सकते हैं।"

राम जन्म भूमि भूजन कार्यक्रम को लेकर रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

चंपत राय ने एक वीडियो जारी करके इस बयान का खंडन किया है कि पांच अगस्‍त को कोई टाइम कैप्‍सूल जमीन के नीचे रखा जाएगा। राय ने कहा, 'समाचार आ रहा है कि 5 अगस्त को कोई टाइम कैप्सूल जमीन के नीचे रखा जाएगा। 

रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की यहां शनिवार को हुई बैठक में मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास की तिथि तय कर ली गई। ट्रस्ट ने शिलान्यास के लिए तीन और पांच अगस्त की तिथि तय की और इससे संबंधित प्रस्ताव पीएमओ को भेज दिया है।

अयोध्या में राम मंदिर के भूमिपूजन का कार्यक्रम फिलहाल टल गया है। भूमिपूजन टालने का यह फैसला भारत-चीन सीमा पर तनाव के चलते श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने लिया है।

रामलला के ऑनलाइन दर्शन की हर तरफ से मांग उठ रही है। ट्रस्ट तक भी यह बातें पहुंच रही हैं। इसे लेकर मंथन हो रहा है। लेकिन अभी इसे लेकर संशय है। ट्रस्ट का मानना है कि उसके पास जो भी पैसा है वह मंदिर निर्माण के लिए है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जितनी भी सुनवाई राम मंदिर को लेकर हुई उस पूरी सुनवाई के दौरान अदालत में एक शख्स हमेशा मौजूद रहे वह हैं 'विश्व हिंदू परिषद' के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय।

अयोध्या राम जन्मभूमि(राम मंदिर) विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई समाप्त होने के बाद अब इस मामले में फैसले का इंतजार है। इसपर फैसले को ध्यान में रखते हुए दोनों ही पक्षों की तरफ से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की जा रही है।