चीन सरकार

चीन की संसद ने कोरोना महामारी के मद्देनज़र एक बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि इस साल आर्थिक वृद्धि दर (GDP) का लक्ष्य तय नहीं किया जाएगा।

कोरोनावायरस के सही आंकड़े छिपाने के आरोप में दुनिया के कई देशों ने चीन पर सवाल उठाए हैं। क्योंकि कोरोनावायरस की शुरआत चीन से ही हुई है और चीन इस तरह के वायरस से निपटने में सक्षम भी है।

भारतीय-अमेरिकी रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने कहा है कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी ने अमेरिका की चीन पर निर्भरता को समाप्त करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने चीन पर एक और आरोप जड़ दिया है। उनके मताबिक चीन कोविड-19 संबंधी आंकड़ों को अब भी दुनिया से छिपा रहा है और उसे ढकने की कोशिश कर रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने देश में कोरोना से मरते लोगों को देखकर चीन को आंखें दिखा रहे हैं और लगातार आरोप लगा रहे हैं कि चीन को कोरोना की सच्चाई छिपाने का परिणाम अवश्य भुगतना होगा।

चीन ने अपने लोगों को बीमारी से बचाने और अंतरराष्ट्रीय आलोचना से बचने के लिए ड्रग कंपनियों को तबाड़तोड़ संसाधन मुहैया करा दिए हैं। ताकि वे जल्द से जल्द से वैक्सीन बना सकें।

चीन में एक आंतरिक रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि वैश्विक रूप से चीन विरोधी भावनाएं इस वक्त अपने चरम पर हैं।

बयान में कहा गया कि विभिन्न स्तरीय पार्टी की समिति और सरकार को उपरोक्त कदमों का अच्छी तरह कार्यान्वयन करना चाहिए, ताकि चिकित्सकों की ठोस रूप से रक्षा और देखभाल की जा सके, महामारी के खिलाफ लड़ाई में मजबूत गारंटी दी जा सके।