चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया

रंजन गोगोई ने अपने कार्याकाल के आखिरी दिन सुप्रीम कोर्ट को कवर करने वाले पत्रकारों को चिट्ठी लिखी है और उनको धन्यवाद कहा है। 

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इसमें कुछ नियम भी जारी किए हैं। फैसले में कहा गया है कि CJI ऑफिस एक पब्लिक अथॉरिटी है, इसके तहत ये RTI के तहत आएगा। हालांकि, इस दौरान दफ्तर की गोपनीयता बरकरार रहेगी।

अगले 24 घंटे के भीतर एक बेहद ही महत्वपूर्ण फैसला आने वाला है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस का दफ्तर आरटीआई के दायरे में आना चाहिए या नहीं इस मुद्दे पर बुधवार को फैसला आ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई ने जम्मू-कश्मीर को लेकर दाखिल याचिकाओं की सुनवाई करते हुए कहा कि अगर जरूरत पड़ेगी तो मैं खुद श्रीनगर जाऊंगा।