छठ पूजा

छठ का महाअनुष्ठान रविवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हो गया।

एक तरफ जहां छठ मैय्या की पूजा के समय सूर्यास्त के बाद सैकड़ों महिलाएं अर्घ्य देती हैं। वहीं, रात में उसी पूजा स्थल पर भक्तों के लिए एक अलग ही झांकी का आयोजन किया गया।

छठ पर्व पर पहला अर्घ्य डूबते सूर्य को दिया जाता है। इस समय जल में दूध डालकर सूर्य की अंतिम किरण को अर्घ्य दिया जाता है। इससे भगवान शिव और सूर्यनारायण की कृपा से उत्तम संतान का महावरदान मिलता है।

दिल्ली के ITO घाट पर दिखा छठ पूजा का मनमोहक नजारा

समस्तीपुर के हसनपुर थाना क्षेत्र के बड़गांव गांव में पुरानी काली मंदिर की दीवार गिर गई। हादसे के वक्त महिलाएं मंदिर के किनारे तालाब में छठ पर्व मना रही थी। दीवार महिलाओं पर गिर गई, जिस कारण दो की मौके पर मौत हो गई।

छठ पर्व और सूर्य देव की पूजा का उल्लेख भारत के दोनों महाकाव्यों महाभारत और रामायण में है।

देवों में भगवान सूर्य देव का प्रसिद्ध मंदिर है। छठ पूजा के दौरान यहां जमकर लोग इकट्ठा होते हैं और तीन दिन तक यहां छठ का त्योहार मनाते हैं। यहां काफी दूर दूर से लोग आते हैं।

प्रयास करें कि सूर्य को जब अर्घ्य दे रहे हों, सूर्य का रंग लाल हो।

छठ पूजा से पहले यूट्यूब पर भोजपुरी सिंगर्स के कई गाने छाए हुए हैं। खेसारी लाल यादव, आम्रपाली दुबे, मालिनी अवस्‍थी, शारदा सिन्‍हा, पवन सिंह, मैथिली ठाकुर जैसे गायकों के कई गाने धूम मचा रहे हैं। इस बीच छठ का गाना 'काँच ही बाँस के' वायरल हो रहा है जिसमें कुछ बच्‍चें नजर आ रहे हैं।

खरना के दिन यानी आज से महिलाओं का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं शाम को स्नान करके विधि-विधान से रोटी और गुड़ की खीर का प्रसाद तैयार करती है।