जाफराबाद

ये भी जानना ज़रूरी है की ये दंगे किन इलाक़ों में हुए। ये सभी इलाक़े मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं जिसकी पुष्टि 2011 की जनसंख्या रिपोर्ट से होती है जो ये बताती है की उत्तर पूर्वी दिल्ली के इन इलाक़ों में क़रीब 30 फ़ीसदी मुस्लिम आबादी है।

दिल्ली पुलिस ने पिंजरा तोड़ संगठन से जुड़ी दो लड़कियां नताशा और देवांगना को गिरफ्तार किया है। दरअसल, जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर सीएए के खिलाफ महिलाओं की अचानक भीड़ जुट गई थी, जिसके बाद हिंसा हुई थी।

सफुरा ने ही जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीच CAA के खिलाफ महिलाओं को जुटाया था। वह सफुरा जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर प्रोटेस्ट में कई बार देखी भी गई थी। वह जामिया के प्रोटेस्ट की मुख्य कड़ी थी।

शाहरुख के खिलाफ दिल्ली के जाफराबाद इलाके में भड़की हिंसा के दौरान 24 फरवरी को पुलिस के सामने आठ राउंड फायरिंग का आरोप है। मालूम हो कि जाफराबाद में सीएए विरोधी पत्थरबाजों को दौड़ाने के दौरान कर्दमपुरी मेन रोड निवासी शाहरुख ने पुलिसकर्मी के सीने पर पिस्टल तान दी थी।

रविवार रात दिल्ली में झूठी अफवाह फैलाने के मामले में गिरफ्तारियां शुरू हो गई हैं। दिल्ली पुलिस ने रोहिणी जिले में अफवाह फैलाने के मामले में अमन विहार के रहने वाले शख्स को गिरफ्तार किया है।

उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, सीलमपुर, ओल्ड मुस्तफाबाद, भजनपुरा, चांद बाग आदि इलाके बीते 24-25 फरवरी को अचानक जलने शुरू नहीं हुए। इनकी शुरूआत शाहीन बाग से हुई है।

सुरक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल एसपी सिन्हा कहते हैं कि वैसे राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा में सात रिंग बनाए गए थे। शुरू के दो रिंग में अमेरिकी सीक्रेट सर्विसेज के लोग होते हैं, जिनको जीरो रिंग कहा जाता है। उनके ऊपर कई तरह के खतरे हैं। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा इतनी चाक चौबंद है कि किसी प्रकार से इसको भेदा नही जा सकता है।

याचिकाकर्ता हिंदूसेना ने दिल्ली पुलिस को एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी व पार्टी विधायक वारिस पठान और अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के निर्देश देने का निवेदन किया। याचिका में कहा गया कि इनके भाषणों से दिल्ली में सांप्रदायिक माहौल बढ़ा।

राजधानी दिल्ली के उत्तर पूर्वी क्षेत्र में हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 तक पहुंच गई है। हिंसा में 56 पुलिसकर्मियों समेत करीब 200 लोग घायल बताए जा रहे हैं। शीर्ष पुलिस सूत्रों ने बताया कि कंट्रोल रूम के मुताबिक मृतकों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है।

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन करने वाले और विरोध करने वालों के बीच रविवार को भड़की हिंसा मंगलवार को भी जारी रही। नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर आदि इलाकों में जारी हिंसा में करीब 250 से अधिक लोग घायल हो गए हैं, इनमें 56 पुलिस के जवान भी शामिल हैं।