जामिया

सोशल मीडिया पर एक और कविता वायरल हो रही है जिसमें आमिर अजीज की उस कविता का जवाब दिया गया है। पहले आप उस कविता को सुनिए...जिसमें लिखा गया है "तुमसे सब याद रखा जाएगा?..."

कश्यप ने कहा 'होम मिनिस्टर का काम होता है हमारी सुरक्षा, मीडिया ने हमारा बहुत नुकसान किया है। वो आईना बनना बंद हो गई है। मीडिया उनकी स्पीकर बन गई है।'

याद रखिए, कोई भी सभ्य समाज अपने भीतर नाथूराम गोडसे के पैदा होने से कलंकित ही महसूस करेगा, लेकिन साथ ही वह केवल महात्मा गांधी पैदा करने की गारंटी भी नहीं दे सकता।

इस घटना पर एआईएमआईएम चीफ और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को अब इस हमलावर को इसके कपड़ों से पहचानना चाहिए।

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से राजघाट तक मार्च के दौरान एक युवक ने गोली चला दी, जिसमें एक छात्र घायल हो गया है।

जामिया पहुंची जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष ने यहां पहुंचकर कश्मीर में लगी पाबंदियों का मुद्दा उठाया। आइशी ने कहा कि अपने इस प्रदर्शन में हम कश्मीर को नहीं भूल सकते।

जेएनयू का विवाद अब और आगे बढ़ता नजर आ रहा है। देशभर से 208 उप-कुलपतियों और प्रॉफेसरों ने इस सिलसिले में पीएम को चिट्ठी लिखी है। इन सभी ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर आरोप लगाया है कि उनके कैंपस में वामपंथी विचारधारा के छात्रों की ओर से आये दिन समस्या खड़ी की जा रही है।

प्रियंका की बगल में बैठी उनकी सहयोगी ने किसी को कॉल किया और कहा कि हमारे लीडर्स कहां हैं? इस दौरान प्रियंका गांधी भी भीड़ की संख्या को लेकर बेचैन दिखीं।

दक्षिण-पूर्व दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी ) चिन्मय बिस्वाल ने सोमवार को कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रों द्वारा हिंसक विरोध प्रदर्शन किए जाने के बाद जामिया पुलिस थाने और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित पुलिस थाने में दो प्राथमिकियां दर्ज कराई गई हैं। इनमें से एक मामला आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अमानतुल्लाह खान के खिलाफ दर्ज किया गया है।

भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा रह चुके इरफान पठान ने पुलिस लाठीचार्च में घायल जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों को लेकर चिता जताई है। ये छात्र नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ रविवार शाम प्रदर्शन कर रहे थे।