जेडीएस

JDS-BJP: गौरतलब है कि जेडीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेगौड़ा को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी के साथ गठबंधन पर फैसला लेने का पूरा अधिकार दिया गया है. गठबंधन के प्रति इब्राहिम के सार्वजनिक विरोध के बावजूद, देवेगौड़ा को बैठकों के दौरान गठबंधन के मुद्दों पर निर्णय लेने का अधिकार दिया गया था।

सिद्धारामैया को बीजेपी के ऑपरेशन कमल का डर एक बार फिर इस वजह से सता रहा है क्योंकि कांग्रेस के विधायक रविकुमार गौड़ा ने शुक्रवार को कहा कि बीजेपी ने हर विधायक को अपने साथ आने के लिए 50-50 करोड़ और मंत्रीपद देने का लालच दिया है। बीजेपी पहले भी जेडीएस-कांग्रेस सरकार को गिरा चुकी है।

Karnataka: हाल ही में, जेडीएस ने भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ अपने सहयोग की घोषणा की। पार्टी ने इस बात पर जोर दिया कि यह गठबंधन 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

आरएलडी के चीफ जयंत चौधरी को लेकर खास तौर पर चर्चा हो रही है। इसकी वजह ये है कि पटना में जब विपक्षी दलों की बैठक हुई थी, तो जयंत चौधरी ने जरूरी काम बताकर उसमें हिस्सा नहीं लिया था। अब दिल्ली संबंधी बिल पर जब विपक्ष को एक-एक वोट की सख्त जरूरत थी, तब भी जयंत चौधरी राज्यसभा में नहीं दिखे।

कर्नाटक में मई में विधानसभा के चुनाव हुए थे। तब बीजेपी की सरकार थी। चुनाव में कांग्रेस ने 224 सदस्यों वाली विधानसभा में 135 सीटें हासिल की थीं। बीजेपी को 66 और जेडीएस को 19 सीटें मिली थीं। इस तरह विपक्ष की संख्या 85 विधायकों की है। इस वजह से सिद्धारामैया सरकार को फिलहाल दिक्कत नहीं है।

Karnataka Politics: यदि ऐसा कोई निमंत्रण दिया जाता है, तो जेडीएस नेतृत्व अपने विकल्पों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करेगी। कांग्रेस और जद (एस) के बीच दरार तब स्पष्ट हो गई जब कांग्रेस ने पूर्ण बहुमत हासिल करने के बावजूद जेडीएस को शामिल किए बिना सरकार बना ली। इस घटनाक्रम ने कर्नाटक के राजनीतिक परिदृश्य में जेडीएस के भविष्य के गठबंधनों और रणनीतियों के बारे में चर्चा शुरू कर दी है।

Politics: हाल ही में कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 के परिणाम सामने आए थे, चुनाव में 73.19% मतदान हुआ था जो कर्नाटक में विधान सभा चुनावों के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। इस चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 135 सीटों के साथ बहुमत से जीत दर्ज की। 1989 के चुनाव के बाद कांग्रेस की ये सबसे बड़ी जीत थी।

Karnataka Results: बता दें कि कर्नाटक चुनाव में इस बार बजरंगबली का मुद्दा छाया रहा। कर्नाटक के लिए चुनाव घोषणा पत्र जारी करते हुए कांग्रेस ने बजरंग दल जैसी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने का वादा किया था। जिसको लेकर चुनाव प्रचार में भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ हथियार के तौर इस्तेमाल करने की कोशिश की। भाजपा ने बजरंग दल को बजरंगबली से जोड़कर कांग्रेस को घेरने की कोशिश भी की। लेकिन चुनाव के नतीजों में इसका भाजपा को फायदा नहीं मिला।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 के लिए आज मतों की गिनती कराई जा रही है। वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरु हुई। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों से जुड़ी पल-पल की खबरें हम आपको बताते रहेंगे। इसके लिए आप यहां hindi.newsroompost.com से जुड़े रहिए।

कर्नाटक विधानसभा के चुनाव से पहले कई ओपिनियन पोल और वोटिंग के दिन 10 मई को एक्जिट पोल आए थे। इन ओपिनियन और एक्जिट पोल में से ज्यादातर में दावा किया गया कि इस बार कर्नाटक में कांग्रेस अपने दम पर बहुमत हासिल कर लेगी। वहीं, कर्नाटक विधानसभा के चुनाव नतीजों पर सट्टा बाजार में भी दांव लगा है।