ज्योतिरादित्य सिंधिया

कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा अतिथि शिक्षकों का समर्थन किए जाने और उनके साथ सड़क पर उतरने का बयान दिए जाने और मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा तल्ख प्रतिक्रिया देने के बाद कांग्रेस में तकरार बढ़ गई है।

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच चल रही खींचतान अब मुखर होकर सामने आ गई है।

दिल्ली में पार्टी की बुरी हार पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सलाह दी है कि पार्टी खुद को निर्ममता से पुनर्जीवित करे अन्यथा कांग्रेस पार्टी अप्रासंगिक होने की संभावना के लिए तैयार रहे।

हैरान करने वाली बात ये है कि कभी दिल्ली की सत्ता में लंबे समय तक काबिज रहने वाली कांग्रेस को 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा है। इतना ही हाल ही में खत्म हुए चुनावों में तो कांग्रेस का पहले मुकाबले और भी बुरा हाल रहा और वह 70 सीटों में से 63 पर अपनी जमानत जब्‍त करा बैठी।

मध्यप्रदेश में कांग्रेस को सत्ता में आए एक साल से ज्यादा का वक्त गुजर गया है, मगर राजनीतिक नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं, जिससे दावेदारों में असंतोष पनपने लगा है। नियुक्तियों का दौर और आगे टला तो असंतोष के स्वर मुखर होने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।

मध्यप्रदेश में कांग्रेस के नए अध्यक्ष और निगम-मंडलों में नियुक्ति को लेकर जारी माथापच्ची के बीच सियासी तूफान खड़ा होने के आसार बनने लगे हैं। इसकी शुरुआत राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इशारों-इशारों में पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला करके कर दी है।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कुछ कांग्रेसियों की आत्मा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा प्रवेश कर जाने की बात कही है।

मध्यप्रदेश से रिक्त हो रही तीन राज्यसभा सीटों में से दो के कांग्रेस के खाते में आना तय है और इसके लिए जोर-आजमाइश के आसार बनने लगे हैं, क्योंकि इसके लिए आधा दर्जन दावेदारों के नाम सामने आने लगे हैं।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के नए अध्यक्ष को लेकर चल रही चर्चा के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की एक वैवाहिक समारोह में हिस्सा लेने के लिए हुई संयुक्त यात्रा और फिर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से कमलनाथ की मुलाकात ने कांग्रेस के हलके में हलचल मचा दी है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाराज चलने की चर्चाओं के बीच कांग्रेस के विधायक सुरेश राठखेड़ा ने बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि 'सिंधिया अगर कोई नई पार्टी बनाते हैं तो नई पार्टी में मैं (राठखेड़ा) सबसे पहले जाऊंगा।'