ज्योतिरादित्य सिंधिया

मध्य प्रदेश कांग्रेस में मची गुटबाजी के पीछे की एक बड़ी वजह चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी की पार्टी में होने वाली वापसी है। चौधरी राकेश सिंह उपनेता प्रतिपक्ष रहे हैं। वे भाजपा में चले गए थे मगर लोकसभा चुनाव के पहले उन्होंने भाजपा छोड़ दी। अब उनकी वापसी एआईसीसी (AICC) के माध्यम से होनी है। 

इरफान खान मंगलवार को मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती हुए थे। उनकी हालत काफी गंभीर थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इरफान पेट की समस्या से जूझ रहे थे, उन्हें Colon infection हुआ था।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के फोन कॉल ने राज्य की सियासत गरमा दी है और कांग्रेस पार्टी को हमलावर होने का मौका दे दिया है।

ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री पद की शपथ शिवराज सिंह चौहान ने 23 मार्च को ली थी। वर्तमान में राज्य कोरोना की महामारी से जूझ रहा है। इसी के चलते छोटे मंत्रिमंडल का गठन हो रहा है।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को यहां सोमवार को भाजपा मुख्यालय में हुई विधायकों की बैठक में विधायक दल का नेता चुन लिया गया। शिवराज अब राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।

गौरतलब है कि 25 मार्च से नवरात्र पूजा की शुरुआत भी हो रही है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो 25 मार्च को नई सरकार का शपथ ग्रहण भी हो सकता है। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर शुक्रवार शाम को आयोजित होने वाली रात्रिभोज का कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया था।

मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद ही भाजपा ने सरकार गठन की कवायद तेज कर दी है। इसको लेकर दिल्ली से लेकर भोपाल तक बैठकों का दौर शुरू हो गया है। एक ऐसी ही बैठक दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के आवास पर हुई, जिसके बाद मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री को लेकर कयासों का दौर चर्चा में आया है।

बीजेपी की ओर से तय है कि शिवराज सिंह चौहान ही अगले सीएम बनेंगे। इससे पहले 15 महीने तक सरकार चलाने के बाद कमलनाथ ने इस्तीफा दे दिया। सुप्रीम कोर्ट ने शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन कमलनाथ ने पहले ही हार मान ली। अब उपचुनाव में बीजेपी के पास 10 सीटें जीतने की चुनौती होगी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट करके कहा है कि ''मध्य प्रदेश में आज जनता की जीत हुई है। इसके आलावा उन्होंने ट्वीट में लिखा मेरा सदैव ये मानना रहा है कि राजनीति जनसेवा का माध्यम होना चाहिए, लेकिन प्रदेश सरकार इस रास्ते से भटक गई थी। आज सच्चाई की फिर विजय हुई है। सत्यमेवजयते।''

कांग्रेस की बागी विधायक इमरती देवी ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया हमारे नेता हैं। उन्होंने हमें बहुत कुछ सिखाया है। मैं हमेशा उसके साथ रहूंगी भले ही मुझे कुएं में क्यों न कूदना पड़े।