ज्योतिरादित्य सिंधिया

पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने आरोप लगाया है, "सिधिया पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया गया। उनकी गाड़ी रोकने की कोशिश की। पत्थर बरसाए गए, गाड़ी के पास आकर गाड़ी पर चढ़ने और उसे रोकने के प्रयास किए गए। बमुश्किल अपनी जान बचाकर चालक ने गाड़ी को निकाला।"

ज्ञात हो कि राज्य के 22 कांग्रेस विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें से 19 विधायक बेंगलुरू में हैं। इनमें छह मंत्री भी शामिल हैं। कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले सभी विधायक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं।

ज्योतिरादित्य और सचिन ने बहुत साल साथ काम किया है। दोनों एक ही पीढ़ी के नेता हैं। दोनों वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के परिवार से आते हैं। निश्चित ही दोनों में दोस्ती और आत्मीय संबंध होंगे, लेकिन आगे क्या होगा, इसके लिए थोड़ा इंतजार करना चाहिए, क्योंकि इंतजार का फल हमेशा मीठा होता है।

कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद गुरुवार को पहली बार भोपाल पहुंचे ज्योतिरादित्य सिंधिया का जोरदार स्वागत किया गया।

जिस तरह ज्योतिरादित्य सिंधिया के संबंध लगातार बिगड़ रहे थे ठीक वैसे ही संबंध सचिन पायलट का भी राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ देखने को मिलता रहता है।

मध्य प्रदेश में जारी उठा-पटक के बीच कांग्रेस के बागी विधायकों से मिलने गए मंत्री जीतू पटवारी और लाखन सिंह के साथ बेंगलुरु पुलिस ने धक्का-मुक्की कर दोनों को हिरासत में ले लिया।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर अभी हमले होने बाकी हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में आने से भाजपा को राज्यसभा में नई उम्मीद जगी है। भाजपा को अब उन राज्यों से उम्मीद बढ़ गई है, जहां भाजपा को सरप्लस वोट है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल होने पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने ही तरीके से बधाई दी है।

सूत्रों के अनुसार, भाजपा के प्रदेश कार्यालय में स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर उनका स्वागत करेंगे। राजा भोज हवाई अड्डे से भव्य रोड शो की शुरुआत कर ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा कार्यालय में आएंगे।