ज्योतिरादित्य सिंधिया

जिस तरह ज्योतिरादित्य सिंधिया के संबंध लगातार बिगड़ रहे थे ठीक वैसे ही संबंध सचिन पायलट का भी राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ देखने को मिलता रहता है।

मध्य प्रदेश में जारी उठा-पटक के बीच कांग्रेस के बागी विधायकों से मिलने गए मंत्री जीतू पटवारी और लाखन सिंह के साथ बेंगलुरु पुलिस ने धक्का-मुक्की कर दोनों को हिरासत में ले लिया।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर अभी हमले होने बाकी हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में आने से भाजपा को राज्यसभा में नई उम्मीद जगी है। भाजपा को अब उन राज्यों से उम्मीद बढ़ गई है, जहां भाजपा को सरप्लस वोट है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल होने पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने ही तरीके से बधाई दी है।

सूत्रों के अनुसार, भाजपा के प्रदेश कार्यालय में स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर उनका स्वागत करेंगे। राजा भोज हवाई अड्डे से भव्य रोड शो की शुरुआत कर ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा कार्यालय में आएंगे।

सूत्रों के मुताबिक सचिन पायलट खुद सिंधिया के स्टैंड से सहानुभूति रखते हैं। उनका मानना है कि सिंधिया के साथ मध्य प्रदेश में वहीं अन्याय हुआ है जो उनके साथ राजस्थान में हुआ है। सिंधिया के इस्तीफे के बाद बीजेपी की ओर से उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार भी बना दिया गया।

भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने बुधवार को कुल 11 सीटों के राज्यसभा उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी। कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया को मध्य प्रदेश से पार्टी ने टिकट दिया है।

मध्य प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और पार्टी सांसद प्रभात झा ने इस बात का खंडन किया है कि वह पार्टी से नाराज हैं। भाजपा उपाध्यक्ष झा ने साफ-साफ कहा है कि उनकी निष्ठा पार्टी के साथ है, और उसे कोई चैलेंज नहीं कर सकता।

कांग्रेस से लंब समय से नाराज चल रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा का दामन थाम लिया। इस तरह से कांग्रेस के खेमे से एक ताकतवर नेता का पार्टी छोड़कर चला जाना पार्टी के लिए काफी परेशानी का सबब बन गया है।