ज्योतिरादित्य सिंधिया

मध्यप्रदेश के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार को यहां भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) में शामिल हो गए। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सिंधिया को भाजपा की सदस्यता दिलाई। इससे पहले वह अपराह्न् 12.30 बजे पार्टी में शामिल होने वाले थे, लेकिन बाद में समय आगे बढ़ा दिया गया।

पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के ग्वालियर चंबल संभाग में शानदार प्रदर्शन की वजह ज्योतिरदित्य सिंधिया थे। इसी वजह से भाजपा विधानसभा चुनाव में बहुमत से दूर रह गई।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मध्य प्रदेश के अपने सभी विधायकों को हरियाणा के मानेसर स्थित द ग्रैंड आईटीसी होटल में ठहराया है।

शिवसेना नेता संजय राउत ने एक बयान में कहा है कि ज्योतिरादित्य पॉपुलर नेता हैं उन्होंने काफी मेहनत की थी उनका उचित सम्मान होता तो आज कमलनाथ सरकार खतरे में नही आती।

लोकसभा की कार्यवाही जारी है इसमें हिस्सा लेने के लिए राहुल गांधी संसद भवन पहुंचे थे। लेकिन जब मीडिया के लोगों ने उनसे ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा तो वह इससे बचकर निकल गए।

मध्यप्रदेश में सरकार का समीकरण पलट चुका है। बीजेपी सरकार बनाने के एकदम करीब है। कांग्रेस खेमे में हुई बगावत के साथ ही निर्दलीय विधायक और दूसरी छोटी पार्टियां भी भाजपा के सम्पर्क में हैं।

मध्यप्रदेश में भाजपा ने तुरुप का पत्ता चल दिया है। कांग्रेस की सरकार गिरना तय है। अब तक कुल 22 विधायकों के इस्तीफे हो चुके हैं।

कांग्रेस छोड़ने के एक दिन बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया आज (बुधवार को) भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) में शामिल होंगे। पूर्व सांसद और केन्द्रीय मंत्री दोपहर 12:30 बजे भाजपा की सदस्यता लेंगे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। मध्य प्रदेश के युवा नेता सिंधिया के इस फैसले से कांग्रेस न सिर्फ संकट में है, बल्कि वो आहत भी है। कांग्रेस का कहना है कि पार्टी में उन्हें सब कुछ दिया गया, बावजूद इसके सिंधिया ने पाला बदल लिया।

मध्यप्रदेश के घटनाक्रम को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषकों को ऐसा लगता है कि कमलनाथ ने सरकार को बचाने की उस तरह से कोशिशें नहीं कीं जिस तरह से कर सकते थे। सिंधिया को सोनिया से भी मिलने नहीं दिया गया। इससे पहले भी कई मौकों पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को जलील करने की कोशिश हुई।