ज्योतिरादित्य सिंधिया

मध्यप्रदेश में भाजपा ने तुरुप का पत्ता चल दिया है। कांग्रेस की सरकार गिरना तय है। अब तक कुल 22 विधायकों के इस्तीफे हो चुके हैं।

कांग्रेस छोड़ने के एक दिन बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया आज (बुधवार को) भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) में शामिल होंगे। पूर्व सांसद और केन्द्रीय मंत्री दोपहर 12:30 बजे भाजपा की सदस्यता लेंगे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। मध्य प्रदेश के युवा नेता सिंधिया के इस फैसले से कांग्रेस न सिर्फ संकट में है, बल्कि वो आहत भी है। कांग्रेस का कहना है कि पार्टी में उन्हें सब कुछ दिया गया, बावजूद इसके सिंधिया ने पाला बदल लिया।

मध्यप्रदेश के घटनाक्रम को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषकों को ऐसा लगता है कि कमलनाथ ने सरकार को बचाने की उस तरह से कोशिशें नहीं कीं जिस तरह से कर सकते थे। सिंधिया को सोनिया से भी मिलने नहीं दिया गया। इससे पहले भी कई मौकों पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को जलील करने की कोशिश हुई।

इससे पहले मंगलवार को प्रदेश का राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला। ज्योतिरादित्य सिंधिया के राजनीतिक रंग बदल गए हैं। सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और अब वे भाजपा का दामन थामने जा रहे हैं।

इस तमाम सवालों से पर्दा अब हट गया है। ज्योतिरादित्य को भाजपा तक लाने और फिर गृहमंत्री अमित शाह व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाने वाले कोई और नहीं, बल्कि भाजपा प्रवक्ता जफर इस्लाम हैं।

बीजेपी सूत्रों का ये भी कहना है कि कांग्रेस के बागी विधायक विधानसभा अध्यक्ष को अपने इस्तीफे भेज सकते हैं। ऐसे विधायकों की संख्या 20 हो सकती है। यानी अगर ऐसा होता है तो कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ जाएगी और इसके बाद शिवराज सिंह चौहान सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं।

मध्यप्रदेश में जल्द ही राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होने हैं। कांग्रेस की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम सामने आ रहा है, लेकिन वह उच्च सदन में जाने के लिए तैयार नहीं हैं और इसलिए इस बात ने पार्टी की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर कांग्रेस में फूट पड़ गयी है। कांग्रेस ने जहां ट्रंप के स्वागत समारोह के बहिष्कार का फैसला लिया है वहीं कांग्रेस के ही कुछ बड़े नेता इसके खिलाफ राय रख रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उल्टे ट्रंप के स्वागत की बात कर दी।

मध्य प्रदेश कांग्रेस में घमासान तेज होता जा रहा है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच लड़ाई खुलकर सामने आ गई है। सिंधिया ने सड़क पर उतरने की चेतावनी भी दे दी है। इसके जवाब में कमलनाथ ने उन्हें सड़क पर उतरने का न्योता भी दे दिया है।