ज्योतिरादित्य सिंधिया

दिग्विजय सिंह में हांगकांग का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वहां की लड़ाई युवा लड़ सकते हैं तो मध्यप्रदेश में युवा कमान क्यों नही संभाल सकते? उन्होंने अंतिम फैसला सोनिया गांधी के हाथ में होने की बात की।

मध्य प्रदेश दतिया जिले के कांग्रेस नेता अशोक दांगी ने कहा है कि यदि ज्योतिरादित्य सिंधिया को अध्यक्ष नहीं बनाया गया तो वह 500 कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ सामूहिक इस्तीफे दे देंगे।

धारा 370 को कश्मीर से हटाए जाने का समर्थन कर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आम जनता की नब्ज पकड़ ली है। उनके इस कदम को कांग्रेस के भीतर और बाहर जमकर समर्थन मिला।

इसी कड़ी में अनुच्छेद 370 हटाने के मामले में कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया मोदी सरकार के समर्थन में आ गए हैं।

लेकिन अब कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को बड़ी जिम्मेदारी दी है और ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफा देने के बाद प्रियंका गांधी को पूरे उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है।

मध्य प्रदेश में सिंधिया के समर्थकों ने कुछ पोस्टर लगाए हैं। जिनमें राहुल गांधी से अपील की गई है कि सिंधिया को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाए। सिंधिया समर्थकों ने भोपाल में कांग्रेस ऑफिस के बाहर भी ये बैनर लगा दिए हैं। जिसके बाद अब अध्यक्ष पद को लेकर एक बार फिर सिंधिया के नाम की बहस तेज हो चुकी है।

राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस पार्टी में इस्तीफे का दौर जारी है। सिंधिया का इस्तीफा भी इसी कड़ी में है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ पहले ही पीसीसी चीफ के पद से इस्तीफा दे चुके हैं।

यूपी की राजधानी लखनऊ में कांग्रेस ने अपनी हार को लेकर मंथन किया। ये मंथन पश्चिमी यूपी के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया की अगुआई में हुआ। हालांकि इसमें वो तमाम सीनियर कांग्रेसी नेता नदारद रहे, जिन्होंने चुनाव लड़ा था और हार का सामना करना पड़ा था।

बीते महीने हुए लोकसभा चुनाव में सिंधिया को हार मिली थी, जबकि गुना संसदीय क्षेत्र को सिंधिया राजघराने का गढ़ माना जाता है। वह यहां से चार बार सांसद रह चुके हैं।

लोकसभा चुनाव: रोड शो के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भरा नामांकन