झारखंड चुनाव

हरियाणा व महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में अपने प्रयासों को लेकर आलोचना के बाद कांग्रेस ने झारखंड में नवंबर के अंत में होने वाले चुनावों में बड़े स्तर पर प्रचार का फैसला किया है।

झारखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी ने अलग राह पकड़ ली है। लोक जनशक्ति पार्टी महाराष्ट्र में शिवसेना की तरह सीटों पर अनबन की खटास निकाल रही है।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) ने भी झारखंड में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है।

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने एक बेहद ही अहम प्रस्ताव का जिक्र किया है। इस प्रस्ताव से देश की संसदीय व्यवस्था की शक्ल बदल जाएगी। दल बदल पर अंकुश लगेगा। आपराधिक छवि के सांसदों पर लगाम लगेगी और एक साथ चुनाव भी हो सकेंगे।

झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने कहा है कि, पार्टी चाहे जिसको भी उम्मीदवार बनाये लगड़े, लुलहे, चोर को डकैत को बदमाश को जिसको भी उम्मीदवार बनाये, हमे केंद्रीय अध्यक्ष अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री रघुबर दास पर हमे भरोषा होना चाहिये की वो जो भी चुनाव करेंगे वो सही होगा।

झारखंड में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और इससे पहले भाजपा को झारखंड में मजबूती मिली है। दरअसल, कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के 6 विधायक पार्टी का दामन छोड़ भाजपा में शामिल हो गए हैं।

राज्य में भाजपा अपनी लय में है और इसने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री रघुवर दास इन दिनों जन आशीर्वाद यात्रा के जरिए जनसंपर्क कार्यक्रम में व्यस्त हैं।

चुनाव आयोग आज(शनिवार) महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर सकता है। आयोग आज दोपहर 12 बजे प्रेस कांफ्रेंस करेगा, जिसमें तारीखों का ऐलान कर सकता है।