झारखंड मुक्ति मोर्चा

झारखंड के मुख्यमंत्री के तौर पर हेमंत सोरेन आज दोपहर 2 बजे शपथ लेंगे। बीते चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और आरजेडी के गठबंधन को बहुमत मिला था।

झारखंड के मुख्यमंत्री पद की रविवार को शपथ लेने जा रहे झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रमुख हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण समारोह में भारतरत्न से सम्मानित पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी शामिल होंगे।

झारखंड के भावी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे और 29 दिसंबर के शपथ ग्रहण समारोह के लिए उन्हें आमंत्रित करेंगे। हेमंत सोरेन कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मिलकर राज्य में गठबंधन सरकार के गठन पर चर्चा भी करने वाले हैं।

झारखंड में भाजपा की हार और गठबंधन की जीत के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी हेमंत सोरेन के सामने चुनौतियां कम नहीं होंगी।

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को सोमवार शाम राजभवन में अपना इस्तीफा सौंपा।

रांची में पत्रकारों से चर्चा करते हुए हेमंत सोरेन ने इस परिणाम को पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के अध्यक्ष शिबू सोरेन के परिश्रम और समर्पण का परिणाम बताया और गठबंधन में शामिल राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद, कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को धन्यवाद दिया।

झारखंड चुनाव में मोदी की अगुआई में भाजपा ने जहां राष्ट्रीय मुद्दों को हथियार बनाया, वहीं सोरेन ने स्थानीय मुद्दे चुने।

झारखंड विधानसभा चुनाव के अंतिम और पांचवें चरण में 20 दिसंबर को 16 सीटों पर मतदान होना है। सबकी नजर राज्य की उपराजधानी दुमका सीट पर बनी हुई है। दुमका सीट पर भाजपा की प्रत्याशी और मंत्री लुइस मरांडी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बीच सीधा मुकाबला है, लेकिन झाविमो प्रत्याशी अंजूला मुर्मू के मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार भी लगाए जा रहे हैं।

सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में रघुवर दास के नेतृत्व वाली भाजपा को 45-48 सीटें मिलेंगी और 2014 के विधानसभा चुनाव में मिले 31 फीसदी वोट शेयर से बढ़कर पार्टी का वोट शेयर अब 42 फीसदी तक हो सकता है।

झारखंड की मुख्य विपक्षी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने सरयू राय की बगावत को 'भ्रष्टाचार बनाम ईमानदारी की लड़ाई' का नाम देकर इस रणनीति के संकेत भी दे दिए हैं। भाजपा के प्रदेश नेता भी इसे लेकर सकते में हैं।