टेनिस

नडाल ने कहा, "हां, कई बार ऐसा होता है। यह सही है कि मेरे प्रतिद्वंदियों को मुझसे कम चोटें लगी हैं।" उनसे जब पूछा गया कि क्या यह इसलिए है क्योंकि वह काफी ऊर्जा के साथ खेलते है जिसका असर उनके शरीर पर पड़ता है।

पेस ने भारतीय चैम्बर आफ कॉमर्स द्वारा आयोजित वेबिनार सत्र के दौरान कहा, " मैं वास्तव में ओलंपिक को लेकर चिंतित हूं क्योंकि यह मेरे इतिहास और मेरी विरासत के लिए प्रासंगिक है। मैं टोक्यो ओलंपिक के साथ अंतिम सीजन दौरे पर था।"

क्राजिनोविक ने पहले सेट में 3-1 की बढ़त ले थीम को परेशानी में डाल दिया था। हालांकि थीम ने तीसरे सेट में ज्यादा प्रतिबद्धता दिखाई और मैच जीतने में सफल रहे। यह चैरिटी टूर्नामेंट नोवाक जोकोविक के संगठन द्वारा 13-14 जून को आयोजित किया गया था।

पूर्व वल्र्ड नंबर-24 जैमी होम्पटन ने पेशेवर टेनिस को अलविदा कह दिया है। 30 साल की इस महिला खिलाड़ी ने पांच आईटीएफ खिताब जीते हैं। बीते पांच साल से वह चोटों से जूझ रही हैं। 2014 और 2015 में 18 महीनों के दौरान उन्होंने छह सर्जरियां कराई थीं जिसमें से दो हिप सर्जरियां भी हैं।

इस बीच, नडाल की मालोर्का स्थित अकेडमी ने इस महीने की शुरूआत में कहा था कि कोरोनावायरस महामारी के बीच वह डब्ल्यूटीए और एटीपी सर्किट में पेशेवर खिलाड़ियों तक पहुंचने की योजना बना रही है।

उन्होंने कहा, "मेरे लिए फ्रेंच ओपन 2016 में तुम्हारे के खिलाफ मिली हार बड़ी थी। जाहिर सी बात है कि मैं आस्ट्रेलियन ओपन और फ्रेंच ओपन जीतने पसंद करता लेकिन मुझे लगता है कि यह मेरे लिए चुनौती था क्योंकि मेरे लिए क्ले कोर्ट काफी मुश्किल जगह है।"

ग्रीस के युवा टेनिस खिलाड़ी स्टेफानोस सितसिपास ने दुबई ड्यूटी फ्री चैम्पियनशिप के दूसरे दौर में जगह बना ली है। सितसिपास ने पहले दौर के मैच में स्पेन के पाब्लो कारेनो बुस्ता को मात दी। दूसरी वरीय सितसिपास ने बुस्ता को मंगलवार देर रात एक घंटे 34 मिनट तक चले मैच में 7-6(1), 6-1 से मात दी।

चार बार की ग्रैंड स्लैम विजेता बेल्जियम की किम क्लाइस्टर्स की टेनिस में वापसी निराशाजनक रही और उन्हें मंगलवार को यहां दुबई चैंपियनशिप में पहले ही मैच में स्पेन की गरबाइन मुगुरुजा के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

शनिवार देर रात सम्पन्न हुए इस मुकाबले में रामकुमार और पूरब को इजरायल के जोनाथन इर्लिच और बेलारूस के आंद्रेई वासीलेवस्की ने सीधे सेटों में 7-6, 6-4 से हराया।

सेमीफाइनल में आने के लिए फेडरर को कड़ा पसीना बहाना पड़ा था। अमेरिका के टैनी सैंडग्रेन ने पांच सेट तक चले मैच में उन्हें काफी परेशान किया था। फेडरर हालांकि विजयी रहे और अंतिम-4 में पहुंचे थे।