डब्ल्यूएचओ

China : विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) पर आरोप लगा था कि उसने कोरोना वायरस महामारी (Corona Virus Epidemic) के दौरान चीन (China) के इशारे पर काम किया। अब हाल ही में एक खबर सामने आ रही है कि डब्ल्यूएचओ को नोबेल शांति पुरस्‍कार (Nobel Peace Prize) नहीं मिला।

Herbal medicine: पूरा विश्व इस वक्त वैश्विक महामारी कोरोनावायरस (Coronavirus) के प्रकोप से जूझ रहा है। दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। वहीं इस महामारी को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी दुनिया में वैक्सीन (Corona virus vaccine) बनाने  पर तेजी से काम चल रहा है।

रूस (Russia) ने हाल ही में ऐलान किया था कि उसने कोरोना वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) बना ली है। लेकिन वैक्सीन बना लेने के बाद रूस विवादों में घिरता जा रहा है। जिसके बाद डब्ल्यूएचओ (WHO) और टॉप डॉक्टर ने इस पर कई सवाल उठाए।

रूस ने कुछ समय पहले दुनिया की पहली कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने का ऐलान किया था। जिसके बाद कई देशों ने इसे खरीदने का ऑर्डर भी दे दिया है। लेकिन ये वैक्सीन कितनी कारगर और सुरक्षित है इस सवाल अभी भी बने हुए हैं।

दुनिया में जारी कोरोना के कहर के बीच रूस ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बना लेने का ऐलान कर दिया है। हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने इसे खतरनाक बताया है।

दुनिया भर में कोरोनावायरस ने कहर मचा रखा है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि दुनियाभर में 6 वैक्सीन का काम तीसरे पेज में पहुंच गया है।

दुनियाभर में कोरोना के कहर के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक और चेतावनी जारी की है। जिसके मुताबिक जरूरी नहीं कि एक वैक्सीन से कोरोना खत्म हो जाए।

दुनियाभर में कोरोना का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। विश्व में नोवल कोरोनोवायरस मामलों की कुल संख्या 1.72 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है। ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस घातक महामारी को लेकर नई चेतावनी दी है।

पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस की चपेट में है। लाखों लोग इस घातक वायरस से मर रहे हैं। इसे अब तक की सबसे बड़ी महामारी कहा जा रहा है। ऐसे में तमाम देशों के वैज्ञानिक और डॉक्टर इस महामारी की वैक्सीन की जद्दोजहद में लगे हैं। लेकिन इसी बीच WHO ने दुनिया को एक बड़ा झटका दिया है।

क्या मच्छर कोरोनावायरस को ले जाते हैं और क्या वे इसे इंसानों तक पहुंचा सकते हैं? इन सवालों का जबाव शायद न में है। इस बारे में एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है।