डब्ल्यूएचओ

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी इसकी तारीफ की है। डब्ल्यूएचओ ने धारावी का उदाहरण देते हुए कहा है कि राष्ट्रीय और वैश्विक एकजुटता के साथ आक्रामक कार्रवाई से महामारी को रोका जा सकता है।

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने मई में ही घोषणा की थी कि उनका देश विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ अपने संबंधों को समाप्त कर रहा है। ट्रंप ने तब कहा था, 'चीन का डब्ल्यूएचओ पर पूरा नियंत्रण है जो साल में केवल 40 मिलियन डॉलर का भुगतान करता है जबकि अमेरिका 450 मिलियन डॉलर देता है।'

32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने कोरोना महामारी (Covid-19) को लेकर एक ओपन लेटर लिखा था, जिसमें WHO पर भी सवाल उठाए गए थे। इन वैज्ञानिकों का दावा है कि कोरोनावायरस हवा के जरिए भी फैलता है लेकिन डब्ल्यूएचओ इसे लेकर गंभीर नहीं है

देश में कोरोना के प्रकोप को देखते हुए हो रही कोरोना की टेस्टिंग पर मंत्रालय ने कहा, ‘‘कोविड-19 की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय और राज्य सरकार के स्तर पर समन्वित प्रयासों के कारण लगातार उत्साहजनक परिणाम मिल रहे हैं।

डब्ल्यूएचओ के एक सर्वे के अनुसार 73 देशों ने चेताया है कि कोविड-19 महामारी के कारण उनके यहां एड्स की जीवनरक्षक दवाओं का स्टॉक ख़त्म होने वाला है। वहीं, 24 देशों ने कहा कि उनके यहां एड्स की ज़रूरी दवाएं या तो बहुत कम हैं या उनकी सप्लाई बुरी तरह बाधित हुई है।

एक तरफ दुनियाभर में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे है। ऐसे में इस महामारी को लेकर एक और दवा किया जा रहा है। एक बार फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO सवालों के घेरों में आ गया है। बता दें कि 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने कोविड-19 को लेकर एक ओपन लेटर लिखा है, जिसमें WHO पर भी सवाल उठाए गए हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना से बुरी तरह प्रभावित देशों से आग्रह किया है कि वे जागें और वायरस के प्रसार को 'नियंत्रित' करने के लिए काम करें। डब्ल्यूएचओ के इमरजेंसी डायरेक्टर माइकल रयान ने ये कहा।

इस समय पूरी दुनिया कोरोनावायरस जैसी घातक महामारी का प्रकोप झेल रही है। ऐसा कहा जा रहा है कि ये वायरस चीन से फैला है। इसी का पता करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन जल्द ही अपनी एक टीम चीन भेजेगी जहां ये टीम पता करेगी कि कोरोनावायरस आखिर आया कहां से है।

कोरोना प्रकोप के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक राहत की खबर दी है। डब्ल्यूएचओ ने शुक्रवार को कहा कि एक साल के अंदर कोरोना की वैक्सीन आ सकती है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक यूके स्थित एस्ट्राजेनेका कंपनी वैक्सीन की दौड़ में आगे है।

जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार, दुनियाभर में कोविड-19 मामलों की कुल संख्या 95 लाख हो गई है, जबकि इससे होने वाली मौतों की संख्या 488,000 से अधिक हो गई हैं।