डॉलर

पिछले सप्ताह लिवाली बढ़ने से घरेलू शेयर बाजार गुलजार रहा, लेकिन इस सप्ताह बाजार की नजर विदेशी संकेतों व सप्ताह के दौरान जारी होने वाले आर्थिक आंकड़ों पर होगी।

देश के विदेशी पूंजी भंडार में पहली मार्च को समाप्त सप्ताह के दौरान 2.56 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई।

डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को पिछले सत्र से दो पैसे की कमजोरी के साथ 70.74 पर खुलने के बाद शुरुआती कारोबार में फिसलकर 70.87 पर आ गया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में आई तेजी से रुपये पर दबाव बना हुआ है। पिछले सत्र में डॉलर के मुकाबले रुपये में जबरदस्त उछाल आया।

चीन की मुद्रा युआन में मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती रही। चीनी विदेशी मुद्रा विनिमय व्यापार प्रणाली में युआन 179 आधार अंकों की बढ़त के साथ डॉलर के मुकाबले 6.6952 पर रहा।

बैंक के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार को डॉलर में व्यक्त किया जाता है और इस पर भंडार में मौजूद पाउंड, स्टर्लिग, येन जैसी अंतर्राष्ट्रीय मुद्राओं के मूल्यों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है।

डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को सपाट 71.25 पर खुला, लेकिन बाद में चार पैसे की बढ़त के साथ 71.21 पर बना हुआ था। उधर, ब्रिटिश पाउंड समेत कुछ मुद्राओं में डॉलर के मुकाबले कमजोरी आने से डॉलर इंडेक्स में बढ़त दर्ज की गई।

मुद्रा बाजार विश्लेषक बताते हैं कि ओवरसीज फंड आउटफ्लो होने से भी रुपये पर दबाव आया है और डॉलर के मुकाबले रुपया बुधवार को दैनिक कारोबार के दौरान 71.17-71.72 के बीच रह सकता है।

डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार दूसरे दिन में शुक्रवार को फिसलकर 71.26 पर आ गया। पिछले सत्र से सात पैसे की कमजोरी के साथ डॉलर के मुकाबले रुपया 71.21 पर खुला।

डॉलर के मुकाबले रुपये में बुधवार को मजबूती का सिलसिला जारी रहा। रुपया डॉलर के मुकाबले पिछले सत्र से 25 पैसे की बढ़त के साथ 70.45 पर बना हुआ था। इससे पहले देसी मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पिछले सत्र से 22 पैसे की बढ़त के साथ 70.48 पर खुली।

डॉलर के मुकाबले रुपये में सोमवार को भी मजबूती बनी रही। पिछले कारोबारी सत्र से आठ पैसे की बढ़त के साथ रुपया डॉलर के मुकाबले 71.23 पर खुला। हालांकि बाद में रुपया थोड़ा फिसलकर 71.25 पर आ गया।