डोनाल्ड ट्रंप

कोरोना का प्रकोप पूरी दुनिया में है। सभी इस महामारी से जंग लड़ रहे है। इस बीच अमेरिका लगातार चीन को इस वायरस के लिए जिम्मेदार ठहरा रहा है।

करीब चार दिनों तक अमेरिका समेत दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के नए मामलों में कमी दर्ज की गयी थी और इसे अच्छा संकेत भी माना जा रहा था।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डब्ल्यूएचओ को चीन के हाथों की कठपुतली बताया और कहा कि अमेरिका पहले डब्ल्यूएचओ के बारे में जल्द ही कुछ सिफारिशें लेकर आएगा और उसके बाद चीन के बारे में भी ऐसा ही कदम उठाया जाएगा।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर एक बार फिर बड़ा हमला बोला है। चीन पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने कहा कि इसे शुरू में ही रोका जा सकता था

अमेरिकी सरकार कोरोना से अपने नागरिकों को इस महामारी से बचाने के लिए कई दवाइयों पर भरोसा कर रही है। इन दवाइयों में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन सबसे खास है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पाकिस्तान ने उनसे कोरोनावायरस पीड़ितों के इलाज के लिए वेंटिलेटर मांगा है और उन्होंने इसे उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है।

अमेरिकी सरकार के शीर्ष टॉप इन्फेक्शन डिजीज एक्सपर्ट डॉ. एंथोनी फौसी ने पहले कहा था कि व्यापक रूप से इस्तेमाल के लिए एक वैक्सीन को तैयार होने में 12 से 18 महीने लगेंगे।

पिछले हफ्ते अमेरिकी नौसेना ने कहा था कि इस्लामिक रेवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के 11 ईरानी नेवी के जहाजों ने उत्तरी अरब की खाड़ी के अंतर्राष्ट्रीय पानी (इंटरनेशनल वाटर्स) में चलने वाले अमेरिकी नौसैनिक जहाजों के खिलाफ बार-बार खतरनाक संचालन किया।

हालांकि ट्रम्प ने यह कहने से इनकार कर दिया कि उन्हें किम के स्वास्थ्य के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी है। उन्‍होंने कहा कि वह केवल समाचार रिपोर्टों से मिली जानकारी ही जानते हैं।

अमेरिका के एनर्जी सेक्रेटरी डैन ब्रूइलेट ने मंगलवार को ब्लूमबर्ग को बताया कि अमेरिकी सरकार महामारी के दौरान तेल उद्योग की मदद करने के लिए 'आक्रामक और उचित कदम' उठा रही है, और वह तेल कंपनियों की मदद के लिए फेडरल रिजर्व के मेन स्ट्रीट लेंडिंग कार्यक्रम पर नजर बनाए हुए है।