तालिबान

कश्मीर मुद्दे को लेकर अंतर्राष्ट्रीय मदद की उम्मीद कर रहे पाकिस्तान को अब तालिबान से भी झटका लगा है। तालिबान ने साफ कर दिया है कि अफगानिस्तान मुद्दे को कश्मीर से ना जोड़ा जाए।

यहां पांचवें वार्षिक यूरोपीय भ्रष्टाचार रोधी सम्मेलन को संबोधित करते हुए गनी ने कहा, "परिस्थितियों ने शांति वार्ता का सही अवसर मुहैया कराया है और इसका व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाना चाहिए। यदि इस अवसर से चूक गए तो यह एक विशाल बोझा हो जाएगा।"

तालिबान के साथ अफगानिस्तान के प्रतिनिधिमंडल की दो दिवसीय वार्ता सोमवार दोहा को संपन्न हुई। इस बैठक के बाद अमेरिका और तालिबान के बीच नई वार्ता का आधार तैयार हुआ है।

अफगान सरकार ने 200 से अधिक तालिबानी कैदियों को रिहा करने का फैसला किया है। बीते दो दशकों से देश में जारी सिविल वार के बीच चल रही शांति वर्ता के दौरान यह फैसला अहम माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिहा किए कैदियों को आतंकी संगठन तालिबान से रिश्ता रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

अफगान सुरक्षा बलों और तालिबान आतंकवादियों के बीच जारी मुठभेड़ के बाद अमेरिकी वायु सेना ने हवाई हमले किए, जिसमें अफगान पुलिस के अधिकारी मारे गए।

शनिवार सुबह से शुरू हुए अफगान राष्ट्रीय सेना के तीन अलग-अलग कमांडो ऑपरेशन्स और हवाई हमलों में तालिबान के 52 आतंकवादी मारे जा चुके हैं। जिनमें दो प्रमुख कमांडर शामिल हैं।

अफगानिस्तान के बदघिस प्रांत में सैनिकों और तालिबान लड़ाकुओं के बीच हुई भयंकर मुठभेड़ में 12 सैनिक और 99 आतंकी मारे गए। रक्षा मंत्रालय द्वारा सोमवार को इस मुठभेड़ की जानकारी दी गई।

सुरक्षाबलों ने अफगानिस्तान के बगलान प्रांत में आतंकवादी गुटों के ठिकानों पर हमला किया जिसमें एक तालिबान कमांडर सहित दस आतंकवादी मारे गए। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने दोहा में तालिबान के साथ जारी वार्ता को बहुत ही जटिल बताया है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के लिए अमेरिका के विशेष दूत जलमय खलीलजाद को उनके प्रयासों में सफलता मिलेगी। अमेरिका के विशेष दूत जलमय खलीलजाद और उनका दल कतर की राजधानी में तालिबान के साथ वार्ता कर रहा है।

अफगानिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से पाकिस्तान और अमेरिका के साथ तालिबान प्रतिनिधियों की वार्ता को लेकर चिंता जाहिर की है। अफगानिस्तान का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित तालिबान आतंकी गु़ट के सदस्यों के साथ इस्लामाबाद को वार्ता से पहले काबुल से चर्चा करनी चाहिए थी।