तिहाड़ जेल

दिल्ली में जिस्मफरोशी का सबसे बड़ा रैकेट चलाने वाली सोनू पंजाबन ने जेल में खुदकुशी करने की कोशिश की। हालांकि अब उसकी हालत ठीक बताई जा रही है।

मशहूर मॉडल जेसिका लाल की 29 अप्रैल 1999 की रात दिल्ली के टैमरिंड कोर्ट रेस्टोरेंट में गोली मारकर केवल इसलिए हत्या कर दी गई थी, क्योंकि  उन्होंने शराब परोसने से मना कर दिया था।

नई दिल्ली। दिल्ली में अब कोई भी जेल कोरोना से ‘कोरी’ नहीं बची है। राष्ट्रीय राजधानी में तीन जेल तिहाड़,...

जिस तिहाड़ जेल नंबर-तीन के फांसी घर में शुक्रवार तड़के (20 मार्च, 2020) साढ़े पांच बजे फांसी पर टांगा गया, उस जेल के सुपरिंटेंडेंट एस. सुनील की भी जिंदगी में किसी को बतौर जेल सुपरिंटेंडेंट फांसी के फंदे पर चढ़वाना और चढ़ते हुए देखने का यह पहला मौका था।

निर्भया के चारों गुनहगारों की आखिरी रात बेहद बेचैनी से भरी हुई थी। गुनहगार खाते वक़्त भी बेचैन थे। मुकेश और विनय ने खिचड़ी खाई। जबकि दूसरे गुनहगार पवन और अक्षय रात बेचैनी में रात भर सो नहीं सके। सारे गुनहगार रात भर जागकर पुलिसकर्मियों से पूछते रहे कि क्या कोर्ट से कोई नया ऑर्डर आया है?

निर्भया के साथ एकजुटता दिखाने और सात साल बाद उसे मिले न्याय को लेकर खुशी जाहिर करने के लिए कोविड-19 संक्रमण का भय भी तिहाड़ के बाहर लोगों को इकट्ठा होने से नहीं रोक सका। निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड के चारों दोषियों को तिहाड़ जेल में शुक्रवार सुबह ठीक 5.30 बजे फांसी दे दी गई।

निर्भया के दोषियों को शुक्रवार तड़के तिहाड़ जेल में फांसी दिए जाने के बाद लंबे समय से पीड़िता को इंसाफ मिलने की राह देख रहे लोगों ने राहत की सांस ली। दिसंबर 2012 में एक मेडिकल छात्रा के साथ निर्मम तरीके से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के दोषियों को आखिरकार उनके किए की सजा मिल गई, जिससे समाज में जघन्य अपराध की सोच रखने वालों के मन में भी डर पैदा होगा।

निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड के चारों दोषियों को तिहाड़ जेल में शुक्रवार सुबह ठीक 5.30 बजे फांसी दे दी गई। इसके साथ ही तिहाड़ में पहली बार एक साथ चार लोगों को फांसी दी गई है।

इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने दोषी मुकेश की इस मांग को खारिज कर दिया था। निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ दोषी ने उच्च न्यायालय में अपील दाखिल की थी।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मेरिट के आधार पर उनकी दया याचिका खारिज की है। मामले के चार दोषी विनय, मुकेश, अक्षय और पवन को 16 दिसंबर, 2012 को 23 वर्षीय साइकोथेरेपी की एक छात्रा के साथ जघन्य दुष्कर्म व हत्या मामले में शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे फांसी की सजा सुनाई गई है।